Latest Story
50 करोड़ कूटने को तैयार ‘मिर्ज़ापुर द फ़िल्म’, ट्रेड एक्टपर्ट्स का दावा- ओपनिंग वीकेंड में ही मचेगा भौकालराम मंदिर के पहले CEO एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा कौन हैं? ऑपरेशन सिंदूर में संभाली थी वेस्टर्न एयर कमांड की कमान‘दुनिया हम पर हंस रही है’, आकिब जावेद ने बताया PCB ने बीच सीरीज क्यों किए बदलावहमारा गव-हमारा सवाल पदयात्रा भीरू की पुलिया से लाहीडीह पहुंचीनेपाल बाढ़ में मिली मदद पर बालेन शाह ने संसद में कहा- ‘थैंक्यू इंडिया’स्वरा भास्कर के बयानों पर कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया, ‘इतिहास को…’बागपत में स्कूल का वीडियो वायरल करना पड़ा भारी, युवक गिरफ्तार…और रो पड़े दबंग विधायक अनंत सिंह! जानें क्या है मामला?राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO कौन? इन नामों में से चुना जाएगा एक!रचनात्मक कार्य : पूर्ण स्वराज्य की अहिंसक राहसीएम विजय का बड़ा फैसला, किसानों और शिक्षकों के खिलाफ दर्ज केस लिए वापस!झारखंड, दिल्ली-महाराष्ट्र में SIR पर बवाल, विपक्ष बोला- ‘BJP को जिताने के लिए…’किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक संपन्नराम मंदिर के CEO के लिए 3 नाम हुए शॉर्टलिस्ट, जल्द होगा ऐलान‘ये हर उस इंसान की जीत है जो…’, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अभिजीत दीपके का बड़ा बयानजंतर मंतर प्रोटेस्ट: SC ने रद्द की सभी FIR, अनुच्छेद 142 का किया इस्तेमालदिल्ली के सरकारी स्कूलों में ही बनेंगे मेडिकल रूम, मिलेगी खास सुविधाउत्तराखंड में बारिश का कहर, 8 लोगों की मौत; कई सड़कें बहीं10 छक्के और 9 चौके, सेमीफाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने मचाया कोहरामPNB की करेंसी चेस्ट में 7 नहीं, 17 करोड़ रुपये के मिले नकली नोट; तीन मैनेजरों और गड्डियां लगाने वाले पर एक्शन  
उमर अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर में चुनौतीपूर्ण एवं सशक्त अध्याय लिखने में कामयाब हो पाएंगे ?
  • TN15TN15
  • October 17, 2024

नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने दूसरी बार आज दिन के 11 बजकर 35 मिनट में जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया।   बी कृष्णा चतुर्दशी एवं रिक्ता तिथि में लिए गए शपथ ग्रहण के समय  ग्रहों की स्थिति अनुसार बनने वाली कुंडली मीन लग्न की है| तृतीय भाव में शनि, चतुर्थ भाव में चंद्र, राहु, छठे भाव में वक्री गुरु, सप्तम भाव में मंगल, दशम भाव में सूर्य, केतु, एकादश भाव में बुध तथा द्वादश भाव में शुक्र है| कुंडली का कमजोर पक्ष है- पृष्ठोदय लग्न का उदय एवं लग्न का गण्डान्त में होना| लग्नेश का छठे भाव में होना| लग्न पर मंगल की पूर्ण दृष्टि का होना| चंद्र का राहु के साथ होकर मृत्यु भाग में होना तथा शुक्र का सर्प द्रेष्काण में होना| अष्टमेश का चतुर्थ भाव में होना तथा चतुर्थेश का छठे भाव में होना| कुंडली का मजबूत पक्ष है- तृतीयेश का तृतीय भाव में होना| नवमेश का दशम भाव में होना| दशमेश का एकादश भाव में होना, दशम भाव पर गुरु की दृष्टि होना तथा दशम में दिग्बली सूर्य का होना| लग्न का मूल नक्षत्र में होना, चन्द्रमा का ऊर्ध्वमुखी नक्षत्र में होना, मृत्यु भाग में होना, दशम भाव पर गुरु की दृष्टि होना कुंडली को बल प्रदान कर रहे हैं| लग्नेश और एकादशेश की युति में द्वादश भाव का मिलना इसको और भी बल प्रदान कर रहा है| चंद्र का राहु के साथ होना तथा इससे केंद्र में मंगल का होना इनके आक्रामक तेवर का संकेत दे रहा है|…

Continue reading

You Missed

50 करोड़ कूटने को तैयार ‘मिर्ज़ापुर द फ़िल्म’, ट्रेड एक्टपर्ट्स का दावा- ओपनिंग वीकेंड में ही मचेगा भौकाल
राम मंदिर के पहले CEO एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा कौन हैं? ऑपरेशन सिंदूर में संभाली थी वेस्टर्न एयर कमांड की कमान
‘दुनिया हम पर हंस रही है’, आकिब जावेद ने बताया PCB ने बीच सीरीज क्यों किए बदलाव
हमारा गव-हमारा सवाल पदयात्रा भीरू की पुलिया से लाहीडीह पहुंची
नेपाल बाढ़ में मिली मदद पर बालेन शाह ने संसद में कहा- ‘थैंक्यू इंडिया’
स्वरा भास्कर के बयानों पर कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया, ‘इतिहास को…’