बाणसागर डैम के आठ रेडियल गेट खुलने से सोन नदी में संभावित जल वृद्धि को देखते हुए रोहतास जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जलाशय का जरूरी जलस्तर बनाए रखने के लिए 30 अगस्त की रात आठ बजे दो अतिरिक्त रेडियल गेट खोल दिए गए। पहले से खुले छह गेटों को मिलाकर अब कुल आठ गेट दो-दो मीटर तक खुले हैं। इनसे करीब 3277 क्यूमेक्स पानी सोन नदी में छोड़े जाने की सूचना है।
बाणसागर से छोड़े गए अतिरिक्त पानी का सीधा असर सोन नदी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों पर पड़ सकता है। रोहतास जिला सोन नदी के किनारे बसा है, ऐसे में तटवर्ती इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जल संसाधन विभाग की ओर से जलाशय के जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार नजर रखी जा रही है. जरूरत पड़ने पर स्पिल ओवर के जरिए और पानी सोन नदी में छोड़ा जा सकता है।
पानी की आवक बढ़ी तो और खुले सकते हैं गेट
बाणसागर जलाशय में पानी की स्थिति लगातार निगरानी में है। यदि जलाशय में पानी की आवक बढ़ती है तो अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की संभावना बनी हुई है। इसका असर सोन नदी के जलस्तर पर पड़ सकता है. रोहतास के नदी किनारे बसे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को इस स्थिति में खास सावधानी बरतने की जरूरत है।
ग्रामीणों और मछुआरों को नदी से दूर रहने की सलाह
जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों, किसानों, मछुआरों और पशुपालकों से सोन नदी से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। लोगों को नदी में स्नान करने या गहरे पानी में जाने से बचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा पशुओं को भी नदी के किनारे ले जाने में सावधानी बरतने को कहा गया है. अचानक पानी बढ़ने की स्थिति में निचले इलाकों में खतरा बढ़ सकता है।
प्रशासन की नजर, बढ़ सकता है जलस्तर
बाणसागर से पानी छोड़े जाने के बाद सोन नदी के जलस्तर की स्थिति पर प्रशासन और संबंधित विभागों की निगाह बनी हुई है। तटवर्ती इलाकों में समय रहते सूचना पहुंचाना और लोगों को सतर्क करना महत्वपूर्ण है। फिलहाल बाणसागर में पानी की आवक, करमचट क्षेत्र में बारिश और सोन नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। अगर पानी की आवक बढ़ी और अतिरिक्त डिस्चार्ज हुआ तो रोहतास में सोन नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है।