उमर अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर में चुनौतीपूर्ण एवं सशक्त अध्याय लिखने में कामयाब हो पाएंगे ?

नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने दूसरी बार आज दिन के 11 बजकर 35 मिनट में जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया।

 

बी कृष्णा

चतुर्दशी एवं रिक्ता तिथि में लिए गए शपथ ग्रहण के समय  ग्रहों की स्थिति अनुसार बनने वाली कुंडली मीन लग्न की है| तृतीय भाव में शनि, चतुर्थ भाव में चंद्र, राहु, छठे भाव में वक्री गुरु, सप्तम भाव में मंगल, दशम भाव में सूर्य, केतु, एकादश भाव में बुध तथा द्वादश भाव में शुक्र है|

कुंडली का कमजोर पक्ष है- पृष्ठोदय लग्न का उदय एवं लग्न का गण्डान्त में होना| लग्नेश का छठे भाव में होना| लग्न पर मंगल की पूर्ण दृष्टि का होना| चंद्र का राहु के साथ होकर मृत्यु भाग में होना तथा शुक्र का सर्प द्रेष्काण में होना| अष्टमेश का चतुर्थ भाव में होना तथा चतुर्थेश का छठे भाव में होना|

कुंडली का मजबूत पक्ष है- तृतीयेश का तृतीय भाव में होना| नवमेश का दशम भाव में होना| दशमेश का एकादश भाव में होना, दशम भाव पर गुरु की दृष्टि होना तथा दशम में दिग्बली सूर्य का होना|

लग्न का मूल नक्षत्र में होना, चन्द्रमा का ऊर्ध्वमुखी नक्षत्र में होना, मृत्यु भाग में होना, दशम भाव पर गुरु की दृष्टि होना कुंडली को बल प्रदान कर रहे हैं| लग्नेश और एकादशेश की युति में द्वादश भाव का मिलना इसको और भी बल प्रदान कर रहा है| चंद्र का राहु के साथ होना तथा इससे केंद्र में मंगल का होना इनके आक्रामक तेवर का संकेत दे रहा है|

क्या संकेत हैं?

क्या उमर अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर में चुनौतीपूर्ण एवं सशक्त अध्याय लिखने में कामयाब हो पाएंगे ?

योग, लग्न, वार, तिथि एवं ग्रहों के योग से बनने वाले योगों के अनुसार  महत्वपूर्ण संकेत निम्नांकित हैं-

1 – उमर अब्दुल्ला को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा ( इसे उनकी कुंडली के साथ मिलाकर देखा जाना चाहिए)|

2 – स्वयं के मनोदशा में व्यापक बदलाव लाना होगा,

3 – पहले से चली आ रही चुनौतियों का नए सिरे से विश्लेषण करना होगा,

4 – चुनौतियों के मूल को समझना, दुश्मनों से निपटने में आलस्य नहीं बल्कि त्वरित कार्यवाई करना होगा,

5 – धर्म से संबंधित समस्याएं अपना सर उठाएंगी,

6 – केंद्र के साथ संतुलित सम्बन्ध स्थापित करना होगा|

ग्रहों के संकेत को समझते हुए यदि ये ऐसा कर पाएंगे तो  तमाम विषम परिस्थितियों से  प्रदेश को बाहर निकाल कर लाने वाले तो होंगे ही  एक नया एवं सशक्त अध्याय लिखने में भी सफल होंगे|

इस बार इनके एक नए एवं बदले हुए रूप से लोगों का परिचय होगा|

(लेखिका ज्योतिषीयोग और आध्यात्मिक चिंतक हैं)

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