बी कृष्णा ने यह बताया कि ज्योतिष सिर्फ भविष्य कथन नहीं है बल्कि उससे आगे जाकर एक स्वस्थ और समृद्ध व्यक्ति का निर्माण और अंततः जीवन निर्माण किस प्रकार किया जाये इसका भी बोध करवाती है| इसकी शुरुआत स्वयं के छोटे छोटे प्रयासों से होती है| उन्होंने यह भी बतलाया कि इस पल पल बदलते वैश्विक परिदृश्य में स्वयं को तनावमुक्त होकर किस प्रकार परिवर्तित और रूपांतरित किया जाये| किस प्रकार कौशल विकास किया जाये|