सभ्य समाज में नशे के लिए कोई जगह नहीं – एस.डी.एम.अशोक मुंजाल

इन्द्री (सुनील शर्मा)
एस.डी.एम. अशोक मुंजाल ने बताया कि सभ्य समाज में नशे के लिए कोई जगह नहीं है, इसलिए नशा मुक्त समाज बनाने के लिए हम सभी को मिलकर सतत प्रयास करने की आवश्यकता है, क्योंकि नशे के कारण ही समाज में विभिन्न प्रकार की कुरीतियों पनपती हैं और कुरीति हीन समाज की संरचना के लिए सभी प्रकार के नशे का जड़ मूल से खात्मा होना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिला स्तर से लेकर उपमंडल स्तर को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस विभाग द्वारा गंभीरता से कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अध्यापक व अभिभावक भी बच्चों को खेलों के साथ-साथ अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस प्रतिवर्ष मनाने का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नशीली दवाओं व नशे से छुटकारा पाना है तथा समाज को सुदृढ व खुशहाल बनाना है, जिससे नशा मुक्त व स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।
एस.डी.एम. अशोक मुंजाल ने बताया कि नशा मुक्त समाज की कल्पना को साकार करने के लिए हम सबको इसके खिलाफ जन जागरूकता पैदा करनी होगी ताकि हम अपनी युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में आने से बचा सकें। इसके लिए सबसे पहले हमें स्वयं जागरूक होना होगा और मिशन के रूप में एकजुट होकर कार्य करना होगा। उन्होंने अध्यापकों का आह्वान करते हुए बताया कि अध्यापक का समाज में महत्वपूर्ण स्थान होता है और विद्यार्थी उन्हें अपना आदर्श मानते हैं। विद्यार्थियों का अध्यापकों व माता-पिता से सीधा जुड़ाव होता है, इसलिए अध्यापक विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों व नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दें। शिक्षा के साथ-साथ हमारी संस्कृति के बारे में जागरूक करते हुए नशा न करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि आज समाज में नशा चुनौतीपूर्ण ढंग से बढ़ रहा है, जिसे रोकने के लिए सभी को प्रयास करने होंगे जिससे नशा जड़ मूल से समाप्त किया जा सके। उन्होंने बताया कि नशे से मानसिक पीड़ा के साथ-साथ माइग्रेन, सिरदर्द एवं चक्कर आना, इनसोमनिया (नींद न आने की बीमारी), चिंता, भय, घबराहट, डिप्रेशन, याददाश्त में समस्या आदि बीमारियां उत्पन्न होती है।
एसडीएम अशोक मुंजाल ने बताया कि नशे का जहर समाज को तेजी से निगल रहा है। भावी पीढ़ी भी नशे की चपेट में आ रही है। उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों का प्रयोग एक मनोवैज्ञानिक बीमारी है। नशा सेवन करने वाला इंसान खुद तो तबाह होता ही है साथ ही अपना परिवार भी उजाड़ देता है। नशा त्यागने के लिए दृढ इच्छा शक्ति व संकल्प का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि नशे के कारण समाज में आपराधिक घटनाएं भी बढ़ती हैं जो कि भविष्य के लिए चिंता का विषय है। इस प्रकार से नशा केवल व्यक्तिगत नुकसान ही नहीं करता बल्कि पूरे परिवार व समाज को भी बुरी तरह से प्रभावित करता है। उन्होंने बताया कि नशा को समाज से खत्म करना सबकी सामूहिक जिम्मेवारी है। नशे के खिलाफ सभी को एकजुट होकर लड़ना होगा और सभी को जिला को नशा मुक्त बनाने की मुहिम में अपना योगदान देना होगा।

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