कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर नया विवाद छिड़ गया है। दरअसल राहुल ने यात्रा के दौरान शुक्रवार को कुछ कैथोलिक पादरियों के साथ बैठक की थी। इन पादरियों में विवादित पादरी जॉर्ज पोन्नैया भी मौजूद थे। इस बैठक की वीडियो क्लिप वायरल हो रही है।
इसमें राहुल गांधी पादरी से सवाल करते सुनाई दे रहे हैं कि ‘क्या जीसस क्राइट (ईसा मसीह) ईश्वर का एक रूप हैं? क्या यह सही है? जवाब में पोन्नैया कहते हैं, ‘हां वह असली भगवान हैं, शक्ति (हिंदू देवी) जैसे नहीं हैं।‘ राहुल के सवाल व पादरी के बयान को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। भाजपा ने जहां इसे ‘भारत तोड़ो यात्रा‘ करार दिया है, वहीं कांग्रेस ने कहा है कि यह यात्रा से हताश भाजपा की एक और शरारत है।
पोन्नैया ने राहुल को जवाब में यह भी कहा कि भगवान ने उन्हें (यीशू) को एक आदमी के रूप में प्रकट किया। वे असल व्यक्ति हैं, शक्ति की तरह नहीं हैं, इसलिए हम उन्हें एक इंसान के रूप में देखते हैं। तमिल पादरी पोन्नैया का विवादित और भड़काऊ बयान देने का इतिहास रहा है।
पिछले साल गिरफ्तार किया गया था पुन्नैया को : पिछले साल जुलाई में उन्हें मदुरै के कालीकुडी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, द्रमुक सरकार के मंत्री और अन्य के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। राहुल गांधी ने पोन्नैया से मुट्टीडिचन पराई चर्च में मुलाकात की थी। जहां राहुल ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान शुक्रवार सुबह डेरा डाला था।
भाजपा ने कहा- यह भारत तोड़ो यात्रा : जॉर्ज पोन्नैया के बयान को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने हमला बोला है। पूनावाला ने कि यह यात्रा भारत तोड़ो यात्रा बन गई है। उन्होंने कहा कि पोन्नैया ने कहा है कि शक्ति और अन्य हिंदू देवताओं की बजाए सिर्फ यीशु ही भगवान हैं। पादरी ने भारत माता को लेकर भी अनुचित बातें कही हैं। कांग्रेस का हिंदू विरोध का लंबा इतिहास रहा है।