सहारा समूह कर्मकार यूनियन ने सहारा के साथ ही दूसरे मीडिया समूहों के कर्मचारियों के हक़ हकूक की लड़ाई लड़ने का किया दावा
नोएडा स्थित सहारा मीडिया परिसर में लंबे समय से धरनारत हैं कर्मचारी
2015 से लगातार आंदोलन हो रहा है सहारा मीडिया में
चरण सिंह
हक़ की लड़ाई लड़ने के लिए सहारा मीडिया में फिर से एक यूनियन का गठन किया गया है। इस यूनियन का नाम सहारा समूह कर्मकार यूनियन का नाम रखा गया है। इस यूनियन के अध्यक्ष संजय दुबे और महासचिव गोपाल सिंह नेगी बने हैं। इस यूनियन का दावा है कि सहारा कर्मचारियों के साथ ही वे लोग दूसरे मीडिया समूहों के कमर्चारियों के हक़ हकूक की बात करेंगे।

दरअसल 2015-16 में जब सहारा मीडिया नोएडा के परिसर में बकाया वेतन भुगतान को लेकर आंदोलन हुआ तो गीता रावत और मोहित श्रीवास्तव की अगुआई में सहारा मीडिया यूनियम बनी। इस यूनियम को रमेश अवस्थी जो आज की तारीख में बीजेपी सांसद हैं तुड़वा दिया था। सहारा मीडिया में यह चौथा आंदोलन है। पहला आंदोलन मेरे और बृजपाल चौधरी की अगुआई में हुआ। दूसरा आंदोलन गीता रावत और शशि राय की अगुआई में हुआ। तीसरा आंदोलन गीता रावत और मोहित श्रीवास्तव की अगुआई में हुआ। चौथा आंदोलन संजय दुबे और गोपाल सिंह नेगी की अगुआई में चल रहा है।

लंबे समय से सहारा मीडिया नोएडा परिसर में बैठे आंदोलनकारी कर्मचारियों ने हक़ की लड़ाई लड़ने के लिए यूनियन बना ली है। 7 अप्रैल को दादरी तहसील में नोएडा परिसर के नीलाम होने बात भी सामने आ रही है। मामला लेबर कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक चल रहा है। नोएडा परिसर में बैठे कर्मचारियों के साथ ही देशभर में तमाम सहारा मीडिया कर्मचारी सड़कों से लेकर विभिन्न कोर्ट में बकाया वेतन और हक़ हकूक की लड़ाई लड़ रहे हैं। नोएडा में सहारा समूह कर्मकार यूनियन बनने के बाद फिर से लड़ाई तीव्र होने की संभावना प्रबल हुई है। बाकायदा इस यूनियन का विधिवत पंजीकरण भी करा लिया गया है।
संजय कुमार दुबे को अध्यक्ष को यूनियन का अध्यक्ष और गोपाल सिंह नेगी को महामंत्री नियुक्त किया गया है। इसके अलावा संगठन में विभिन्न पदों पर अन्य पदाधिकारियों की भी जिम्मेदारियां तय की गई हैं ताकि मीडियाकर्मियों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाया जा सके। दस्तावेजों के अनुसार यह यूनियन ट्रेड यूनियन्स एक्ट, 1926 के तहत पंजीकृत की गई है।
2015-16 के सहारा मीडिया के आंदोलन में मैंने खुद कहा था कि यह सहारा क्रांति है। आंदोलन बड़ा रूप लेगा। पूरे सहारा में यह आंदोलन फैलेगा। आज की तारीख में सहारा मीडिया के साथ ही पैराबैंकिंग में भी आंदोलन चल रहा है। सहारा के चेयरमैन सुब्रत राय का निधन हो गया है। दूसरे नंबर के डायरेक्टर ओपी श्रीवास्तव जेल में हैं। जयब्रत राय दुबई भाग गए हैं। सुब्रत राय की पत्नी, बेटे-बहू पोते सब मेसेडोनियन में शिफ्ट हो गए हैं। सत्ता के सबसे करीब उद्योगपति गौतम अडानी सहारा की प्रॉपर्टी खरीदने जा रहा है। आने वाले समय में सहारा आंदोलन के बड़े होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।








