बाढ़ ही खा रही  थी फसल को : खुद एनटीए ने ही लीक किए पर्चे!

CBI की चार्जशीट से बड़ा खुलासा – NTA के 3 एक्सपर्ट ने रफ शीट पर लिखकर लीक किए थे NEET के 135 सवाल

 

चरण सिंह 
सरकार अब सीबीआई की चार्जशीट को भी झुठला देगी ? क्या सरकार को कुछ शर्म आएगी कि खुद एनटीए ही पर्चे लीक करवा रही थी ? क्या सरकार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं कर रही थी ?  क्या पर्चे लीक होने पर आत्महत्या करने वाले छात्रों की मौत की जिम्मेदार केंद्र सरकार नहीं है ? सीबीआई की चार्जशीट में एनटीए के तीन विषय विशेषज्ञ ही पर्चे लीक होने के आरोपी निकले हैं न ? क्या इन्हें एनटीए चेयरमैन की शह नहीं होगी ? क्या यह पैसा ऊपर था नहीं जाता होगा ? क्या सरकार को एनटीए को भंग नहीं कर देना चाहिए।

दरअसल जब पर्चा लीक का मुद्दा उठा तो यही सरकार पर्चा लीक होने से इनकार करने लगी थी। परीक्षा रद्द होने पर कई छात्रों के आत्महत्या करने से भी सरकार पर कोई असर न नहीं पड़ा था । जब दिल्ली जंतर मंतर पर छात्रों का आंदोलन हुआ तो सरकार ने आंदोलन को कुचलवाने का हर संभव प्रयास किया। तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान आंदोलनकारी छात्रों को दहशतगर्द बोलने लगा। बीजेपी आंदोलन पर विदेशी फंडिंग के दम पर देश को कमजोर करने का आरोप लगाने लगी।
दरअसल नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई की चार्जशीट में जानकारी मिली है कि बाढ़ ही फसल को खा रही थी। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के तीन विषय विशेषज्ञ ही प्रश्नपत्र लीक के प्राइमरी सोर्स थे। ऐसे में प्रश्न उठता है कि एनटीए का गठन किसने किया था ? राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) का गठन भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रिमंडल (शिक्षा मंत्रालय) ने नवंबर 2017 में किया गया था। यानी कि मोदी सरकार ने। गठन करने के बाद सरकार ने पीछे मुड़कर नहीं देखा कि आख़िरकार एनटीए में खेल क्या चल रहा है ? या फिर सरकार के इशारे पर ये पर्चे लीक किये जा रहे थे।
एनटीए के ये विषय विशेषज्ञ पर्चा लीक करने के बैठाए थे या फिर परीक्षा को सुधारने के लिए ?  सीबीआई चार्जशीट के अनुसार इन विशेषज्ञों ने गोपनीय प्रश्न तैयार करने और अनुवाद की प्रक्रिया के दौरान परीक्षा सामग्री बाहर निकाली और उसे बिचौलियों के माध्यम से अभ्यर्थियों तक पहुंचाया।

सीबीआई के आरोपपत्र में डिजिटल फोरेंसिक को जांच का अहम आधार बनाया गया है। जांच एजेंसी ने एनटीए विशेषज्ञ पीवी कुलकर्णी की पुणे स्थित सोसायटी के एक्सेस-कंट्रोल ऐप, छात्रों की एंट्री के बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन डाटा का मिलान कर यह पता लगाया कि परीक्षा से पहले किन अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की विशेष कक्षाओं के लिए वहां आवाजाही हुई थी।

एक्सेस कंट्रोल ऐप से सामने आया छात्रों का रिकॉर्ड

जांच के अनुसार, कुलकर्णी की सोसायटी में आने-जाने वालों की एंट्री दर्ज करने वाले ऐप के रिकॉर्ड से अप्रैल में वहां पहुंचे छात्रों और अभिभावकों की मौजूदगी पता लगाई गई। इन रिकॉर्ड का संबंधित मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और लोकेशन विश्लेषण से भी मिलान किया गया। सीबीआई का कहना है कि यह डिजिटल ट्रेल विशेष कोचिंग कक्षाओं और पेपर लीक की पूरी कड़ी जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।

तीन विषय विशेषज्ञों पर पेपर लीक का आरोप

सीबीआई के मुताबिक, एनटीए के विषय विशेषज्ञ पीवी कुलकर्णी, मनीषा गुरुनाथ मांधरे और मनीषा संजय हवलदार प्रश्नपत्र लीक के प्राथमिक स्रोत थे। ऐसे में प्रश्न उठता है कि ये विशेषज्ञ किसने रखे थे ? सरकार तो पर्चे लीक होने से इनकार कर रही थी। आरोप है कि तीनों ने प्रश्नपत्र तैयार करने और उसके अनुवाद की प्रक्रिया के दौरान गोपनीय सामग्री बाहर निकाली और बाद में उसे बिचौलियों तथा अभ्यर्थियों तक पहुंचाया। आखिरकार शिक्षा मंत्रालय का काम क्या है ?

रफ पेपर पर लिखे 135 सवाल, फिर बाहर ले गए

चार्जशीट के अनुसार, केमिस्ट्री विशेषज्ञ पीवी कुलकर्णी ने गोपनीय सेक्शन में रफ वर्क के लिए उपलब्ध कराए गए सादे कागजों का इस्तेमाल कर केमिस्ट्री के सभी 135 प्रश्न और उनके विकल्प छोटे-छोटे कागजों पर संक्षिप्त रूप में लिखे। आरोप है कि इन चिटों को छिपाकर वह गोपनीय परिसर से बाहर ले गए। आसान प्रश्नों को वह याद कर लेते थे और होटल लौटने के बाद उन्हें दोबारा लिखते थे।
  • Related Posts

    किसी अपने के दिल में बने रहना जरूरी है 
    • TN15TN15
    • September 1, 2026

    “हर बहस जीतने वाला व्यक्ति जरूरी नहीं कि…

    Continue reading
    जाति जनगणना: डेटा के ज़रिए BJP कैसे जाति को मैनेज कर सकती है
    • TN15TN15
    • August 31, 2026

    आनंद तेलतुम्बड़े (मूल अंग्रेजी से हिन्दी अनुवाद: एस…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    राम मंदिर के CEO के लिए 3 नाम हुए शॉर्टलिस्ट, जल्द होगा ऐलान

    • By TN15
    • September 1, 2026
    राम मंदिर के CEO के लिए 3 नाम हुए शॉर्टलिस्ट, जल्द होगा ऐलान

    ‘ये हर उस इंसान की जीत है जो…’, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अभिजीत दीपके का बड़ा बयान

    • By TN15
    • September 1, 2026
    ‘ये हर उस इंसान की जीत है जो…’, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अभिजीत दीपके का बड़ा बयान

    जंतर मंतर प्रोटेस्ट: SC ने रद्द की सभी FIR, अनुच्छेद 142 का किया इस्तेमाल

    • By TN15
    • September 1, 2026
    जंतर मंतर प्रोटेस्ट: SC ने रद्द की सभी FIR, अनुच्छेद 142 का किया इस्तेमाल

    दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ही बनेंगे मेडिकल रूम, मिलेगी खास सुविधा

    • By TN15
    • September 1, 2026
    दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ही बनेंगे मेडिकल रूम, मिलेगी खास सुविधा

    उत्तराखंड में बारिश का कहर, 8 लोगों की मौत; कई सड़कें बहीं

    • By TN15
    • September 1, 2026
    उत्तराखंड में बारिश का कहर, 8 लोगों की मौत; कई सड़कें बहीं

    10 छक्के और 9 चौके, सेमीफाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने मचाया कोहराम

    • By TN15
    • September 1, 2026
    10 छक्के और 9 चौके, सेमीफाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने मचाया कोहराम