शिवसेना यूबीटी के चीफ और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश में ही नहीं दुनिया में इस बात की चर्चा है कि हमारे जेन-जी ने कैसे सरकार को घुटनों पर लाया। उन्होंने कहा कि देश में कम दबाव की हवाएं चलने लगी है। ये तूफान के आने से पहले की शांति है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की उनके साथ बात करने की हिम्मत नहीं है। हर कोई उनसे जवाब मांग रहा है कि आप ने एक मंत्री का इस्तीफा ले लिया उससे ये मामला रुकता नहीं है। पीएम युवाओं को मिलते नहीं है लेकिन अचानक रात को फ्रेंड्स कहते हैं। रांची में छात्रों के आंदोलन पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि झारखंड में भी बच्चों के साथ अन्याय हुआ है। उनकी बात सरकार को सुननी चाहिए। उन्होंने कहा, “जरूरत पड़ी तो मैं भी जाऊंगा।
‘अब खुद इंस्टग्राम से सरकार चलाने लगे हैं’
पूर्व सीएम ने कहा कि पिछले 4 साल से शिवसेना मामले की सुनवाई लंबित है। हमारी अपेक्षा बस इतनी है कि संविधान के हिसाब से फैसला हो.न्यायालय पर पूरा भरोसा है। हम कोर्ट में यह मुद्दा रखेंगे कि जब यह मामला चल रहा है उस दौरान पीएम से मिलना मामले को प्रभावित करता है। शरद पवार के सांसद पीएम मोदी से मिलने वाले हैं, इस पर उन्होंने कहा, “जिसको संविधान बचाना है, जो संविधान के साथ हैं, वो हमारे साथ रहेंगे. मुझे दूसरों की पार्टी पर नहीं बोलना है।







