सरकार , सहारा, और कोर्ट के उदासीन रवैए से आज फिर एक जिंदगी को निगल लिया आखिर ये कब तक चलेगा कार्यकर्ताओं से भी एक सवाल कायरों बुजदिलों की तरह मरने से अच्छा है क्यों नहीं लड़कर मर रहे हो इतना घुट घुट कर मरने से क्या फायदा बात समझो सहारा इंडिया तुम्हे रोज मौत के मुहाने पर लाकर खड़ी कर दे रही है
इतना दबाव आखिर किसलिए
बच्चे परिवार अब सब अनाथ छोड़ कर चले जाना क्या यही विकल्प बना लेना है अभी समय है निकलो और सच को स्वीकार करो सहारा इंडिया समूह से जुड़ा एक भी व्यक्ति तुम्हारा हितैषी नहीं है सब तुम्हे मौत के मुहाने पर पहुंचने के लिए आमादा है जन आंदोलन मोर्चा तुम्हारा भला चाहता है तुम्हे डिप्रेशनऔर तनाव से मुक्त करना चाहता है काहें अपनी जान देने पर तुले हो देखो आज बरिडीह ब्रांच जमशेदपुर रीजन, रांची जोन की एक्टिव महिला कार्यकर्ता “जयंती कुमारी” जी एरिया फिल्ड मैनेजर, उम्र 30 वर्ष अब हमारे बीच नही रही! भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे एवं परिवार जनो को इस दुःख की घड़ी में सहन शक्ति प्रदान करें। निकलो बंद मकानों से सीधे जंग लड़ो इन हराम खोर बेइमानों से
अभय देव शुक्ल








