रोहतक, (विसु) : वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार श्री अनूप चौधरी जी का 25 मार्च को 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से न केवल उनके परिवार, बल्कि समूचे पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। श्री चौधरी जी अपने पीछे एक समृद्ध विरासत और अनुकरणीय पत्रकारिता का इतिहास छोड़ गए हैं, जिसने कई युवा पत्रकारों को प्रेरित किया है। श्री अनूप चौधरी मूल रूप से हरियाणा के रोहतक जिले के बालंद गांव के निवासी थे। उन्होंने अपने करियर का अधिकांश समय फरीदाबाद में पत्रकारिता करते हुए बिताया। अपने जीवन के अंतिम दिनों में वे अपने परिवार के साथ पंजाब के मोहाली में रह रहे थे। उनके निधन से पत्रकारिता जगत में एक अपूरणीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल होगा।
रस्म पगड़ी समारोह में उमड़ा पत्रकारों और राजनीतिक हस्तियों का सैलाब
दिवंगत अनूप चौधरी जी की रस्म पगड़ी का आयोजन उनके रोहतक स्थित निवास पर किया गया। इस श्रद्धांजलि सभा में विभिन्न राज्यों और प्रदेशों से आए पत्रकारों, राजनीतिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में शिरकत की। सभी ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
बल्लभगढ़ के पूर्व विधायक योगेश शर्मा, हरियाणा सरकार के लोक संपर्क विभाग के जॉइंट डायरेक्टर डॉ. महिपाल सिंह, मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय राठी, वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय उपाध्याय, महामंत्री नरेंद्र भंडारी, और राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय सक्सेना सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने इस दुखद अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
फरीदाबाद के पत्रकारिता परिदृश्य पर अमिट छाप
अनूप चौधरी जी ने फरीदाबाद में दशकों तक पत्रकारिता की और इस दौरान उन्होंने न केवल स्थानीय मुद्दों को उठाया बल्कि जन सरोकार से जुड़े विषयों पर अपनी पैनी नज़र रखी। उनकी निडर और निष्पक्ष पत्रकारिता ने शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी लेखनी से निकले शब्द हमेशा सत्य और न्याय के पक्ष में खड़े रहे। फरीदाबाद में उनके समकालीन पत्रकारों का कहना है कि अनूप जी की पत्रकारिता की विशेषता यह थी कि वे हमेशा मुद्दों की गहराई में जाते थे और तथ्यों की सटीक जांच-पड़ताल के बाद ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करते थे। उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे अक्सर सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनते थे।
पत्रकारिता संगठनों में सक्रिय भूमिका
वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अनूप चौधरी जी ने पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में नैतिक मूल्यों और व्यावसायिक मानकों को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए। उनके नेतृत्व में संगठन ने पत्रकारों की सुरक्षा, उनके अधिकारों की रक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता के लिए आवाज़ उठाई। वे मानते थे कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारिता का दायित्व बहुत बड़ा है और इसे निभाने के लिए पत्रकारों को सशक्त और स्वतंत्र होना चाहिए।
हरियाणा के पत्रकारिता परिदृश्य पर प्रभाव
वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय सचिव एंव हरियाणा यूनिट के कार्यकारी अध्यक्ष विकास सुखीजा, अशोक गुप्ता, राजीव मेहता, कृष्ण कुमार, रोहतक से नवीन शर्मा, चंडीगढ़ के पत्रकार बलदेव मल्होत्रा सहित कई वरिष्ठ पत्रकारों ने भी श्रद्धांजलि सभा में शिरकत की। फरीदाबाद और पलवल से पत्रकार अजय चौधरी, राकेश कश्यप, संदीप सिद्धार्थ, नरेंद्र पंडित, मोहन सिंह जोरखेडा, भगत सिंह तेवतिया, राज कुमार भाटिया, परवीन बैंसला, सुंदर कुंडू, विजेंद्र अहलावत, अजय वर्मा, दीपक शर्मा, सतबीर सरवारी, अजयदीप, और फरीदाबाद पोस्ट ऑफिस से विक्रम वशिष्ठ ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
इन सभी पत्रकारों ने अनूप चौधरी जी के साथ अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन हमेशा उनके करियर में प्रेरणा का स्रोत रहा है। उनकी सलाह और सुझाव ने कई युवा पत्रकारों के करियर को नई दिशा दी है।
परिवार और निजी जीवन
अनूप चौधरी जी एक आदर्श पारिवारिक व्यक्ति थे। अपने व्यस्त पेशेवर जीवन के बावजूद, वे अपने परिवार के लिए हमेशा समय निकालते थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी के अलावा तीन बेटी और एक बेटा है, जो सभी अपने-अपने क्षेत्रों में सफल हैं। उनकी दो छोटी पोती भी हैं जिनके साथ उनका आखरी सुखद समय बीता। उनके परिवार के सदस्यों का कहना है, कि घर में वे एक सख्त अनुशासन पालन करने वाले पिता के साथ-साथ एक संवेदनशील और समझदार इंसान भी थे। उनके जीवन मूल्य और सिद्धांत उनके परिवार के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे हैं।
समाज पर प्रभाव और विरासत
अनूप चौधरी जी की विरासत सिर्फ पत्रकारिता तक ही सीमित नहीं है। वे एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता भी थे, जिन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के हितों के लिए आवाज़ उठाई। उनकी सामाजिक सेवाओं को हमेशा याद रखा जाएगा। पत्रकारिता जगत से जुड़े विभिन्न संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी का कहना है कि अनूप चौधरी जी की कमी हमेशा महसूस की जाएगी, लेकिन उनके द्वारा दिखाया गया मार्ग हमेशा पत्रकारिता जगत का मार्गदर्शन करता रहेगा।
अंतिम विदाई
रस्म पगड़ी समारोह के बाद परिवार और मित्रों द्वारा प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए प्रार्थना की। पत्रकारिता जगत के इस दिग्गज की विदाई पर सभी की आंखें नम थीं। उनके साथियों का कहना है कि अनूप चौधरी जी की विरासत को आगे बढ़ाना और उनके बताए मार्ग पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।