UP Crime : गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या में किसका हाथ ?

हिन्दू वादी संगठनों को कटघरे में खड़ा कर रहा हत्यारोपियों का जय श्री राम के नारे लगाना !सियासत की चपेट में ही आकर मटियामेट हुए सियासत का खड़ा किया गया माफिया अतीक अहमद 

 

 चरण सिंह राजपूत 

गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में जिस तरह से तीन बदमाशों ने मीडियाकर्मी बनकर हत्या की है। जिस तरह से इन बदमाशों ने हत्या करते हुए जयश्री राम के नारे लगाए हैं उससे हिंदूवादी संगठन कटघरे में खड़े हो गए हैं। वैसे तो इन आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में अतीक को मारकर बड़ा माफिया बनने की बात कही है पर जिस तरह से अतीक ने जेल में एक पुलिस अधिकारी के सामने जेल से छूटकर किसी को न बख्शने की बात कही थी कहीं उसके जवाब में तो यह पुलिस की योजना तो नहीं थी ?

पुलिस पर ऊँगली उठने का बड़ा कारण यह है कि फ़िल्मी स्टाइल में अतीक और उसके भाई अशरफ को करीब से मारा गया है, कई राउंड गोलियां चली हैं पर पुलिस ने शूटरों पर एक भी गोली नहीं चलाई। साथ ही शूटरों ने सरेंडर-सरेंडर चिल्लाया तो पुलिस ने उन्हें कब्जे में ले लिया। पुलिस ने अतीक के बेटे अशद को सेल्फ डिफेंस में मार गिराया पर अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या करने वाले शूटरों पर गोलियां क्यों चलाई गई ? जिस कैमरे के सामने यह दोहरा हत्याकांड हुआ है और बिना किसी जद्दोजहद के शूटरों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। यह हत्याकांड कई सवाल पैदा कर रहा है।

हालांकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। पर क्या इस मामले में इतनी गंभीरता बरती जाएगी कि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाये। वैसे भी जिस तरह से अखिलेश यादव के प्रश्न के जवाब में योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या में लिप्त माफिया के परिवार को मिट्टी में मिला देने की बात कही थी उससे शक की सुईं सरकार पर भी जाती है। देखने की बात यह है कि योगी के उस बयान के बाद 13 अप्रैल को अतीक के छोटे बेटे असद का एनकाउंटर किया गया। इसमें दो राय नहीं है कि योगी आदित्यनाथ अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या कराकर खुद अपने शासन पर उंगली तो नहीं उठवाएंगे। वैसे आदित्यनाथ योगी की बढ़ती लोकप्रियता काफी बीजेपी नेताओं को भी नहीं पच रही रही। हो सकता है कि आदित्यनाथ को बदनाम करने के लिए कुछ बीजेपी नेताओं ने हिंदूवादी संगठनों के साथ मिलकर इन बदमाशों को उकसा कर या फिर सुपारी देकर अतीक और अशरफ की हत्या करा दी हो। यह मामला सियासत के चारों ओर घूमता है।

अतीक अहमद सियासत के बल ही माफिया बना और सियासत की चपेट में आकर ही मटियामेट हो गया। ऐसे में प्रश्न यह भी उठता है कि आख़िरकार अतीक को माफिया किसने बनाया ? अतीक अहमद पर 1989 में अपने ही गुरु चांद बाबा की हत्या का आरोप है। दरअसल अतीक अहमद चांद बाबा की सागिर्द था और चांद बाबा के कहने पर ही वह इलाहाबाद पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव की तैयारी कर रहा था। बताया जाता है कि मुलायम सिंह यादव ने चांद बाबा से चुनाव लड़ने किए लिए कहा था पर चांद बाबा ने अतीक अहमद से चुनाव की तैयारी करने के लिए कह दिया था। बाद में मुलायम सिंह यादव ने चांद बाबा को यह कहकर उकसा दिया कि  बाद चुनाव को लेकर दोनों में तनातनी हो गई और यह तनातनी दुश्मनी में बदल गई। जिसमें चांद बाबा मारा गया। इस चुनाव में अतीक अहमद निर्दलीय विधायक बना था।

1991 और 1993 में इस सीट पर जीत गया।ऐसे में प्रश्न उठता है कि हत्यारोपी अतीक को 1996 में सपा ने अपना उम्मीदवार कैसे बना लिया ? हालांकि 1998 में सपा ने अतीक को बाहर का रास्ता दिखा। 1999 में वह अपना दल में शामिल हो गया और प्रतापगढ़ से चुनाव लड़ा लेकिन यहां हार का मुंह देखना पड़ा। मतलब राजनीतिक दलों को इससे कोई मतलब नहीं होता है कि कोई अपराधी है या फिर गुंडा बस इन दलों को जिताऊ उम्मीदवार चाहिए। ये बदमाश कुछ लोगों को डरा धमकाकर तो कुछ को पैसे देकर और कुछ पर एहसान कर अपने समर्थक बना लेते हैं। वैसे ये माफिया जमीन कब्जारकर, रंगदारी कर और दूसरे गलत काम के बल पर जमकर पैसा कमाते हैं और उसी पैसों के बल पर अपने क्षेत्र में अपरा रौब झाड़ते हैं।

सोनेलाल पटेल ने अतीक को 2002 के विधानसभा चुनाव में अपना दल के टिकट पर चुनाव लड़ाया और जीत हासिल की। 2003 में अतीक को सपा फिर से अपने पाले में आई।  2004 के लोकसभा चुनावों में फूलपुर लोकसभा सीट पर जीत हासिल की। जनवरी 2005 में अतीक उस समय सुर्खियों में आया, जब बसपा विधायक राजू पाल की प्रयागराज में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 2005 में इस सीट पर उप चुनाव कराए गए, जहां अशरफ ने राजू पाल की पत्नी और बसपा उम्मीदवार पूजा पाल को हराकर चुनाव जीता था। अशरफ ने फिर से सपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन इस बार बसपा की पूजा पाल ने उसे पटखनी दे दी। पांच साल बाद 2012 के विधानसभा चुनाव में अतीक ने फिर से उसी सीट से अपना दल से अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन बसपा की पूजा पाल से 8,885 मतों के अंतर से हार गया। अतीक ने 2014 में सपा के टिकट पर श्रावस्ती से चुनाव लड़ा लेकिन वहां भी उसे हार ही नसीब हुई, यहां से मन नहीं भरा तो अतीक अहमद ने 2019 के लोकसभा चुनावों में वाराणसी से नामांकन दाखिल कर दिया। यहां पर तो उसे मात्र  885 वोट ही मिले।

  • Related Posts

    लखनऊ में पारिवारिक विवाद का खूनी अंत, पत्नी-बहन की हत्या के बाद खुदकुशी
    • TN15TN15
    • August 20, 2026

    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक पारिवारिक…

    Continue reading
    प्रिंसिपल को 27 बार गोदा चाकू, ‘बाबू’ शब्द ने कातिल छात्र तक पहुंचाया
    • TN15TN15
    • August 20, 2026

    नलगोंडा जिले में प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल रूपा…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    50 करोड़ कूटने को तैयार ‘मिर्ज़ापुर द फ़िल्म’, ट्रेड एक्टपर्ट्स का दावा- ओपनिंग वीकेंड में ही मचेगा भौकाल

    • By TN15
    • September 2, 2026
    50 करोड़ कूटने को तैयार ‘मिर्ज़ापुर द फ़िल्म’, ट्रेड एक्टपर्ट्स का दावा- ओपनिंग वीकेंड में ही मचेगा भौकाल

    राम मंदिर के पहले CEO एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा कौन हैं? ऑपरेशन सिंदूर में संभाली थी वेस्टर्न एयर कमांड की कमान

    • By TN15
    • September 2, 2026
    राम मंदिर के पहले CEO एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा कौन हैं? ऑपरेशन सिंदूर में संभाली थी वेस्टर्न एयर कमांड की कमान

    ‘दुनिया हम पर हंस रही है’, आकिब जावेद ने बताया PCB ने बीच सीरीज क्यों किए बदलाव

    • By TN15
    • September 2, 2026
    ‘दुनिया हम पर हंस रही है’, आकिब जावेद ने बताया PCB ने बीच सीरीज क्यों किए बदलाव

    हमारा गव-हमारा सवाल पदयात्रा भीरू की पुलिया से लाहीडीह पहुंची

    • By TN15
    • September 2, 2026
    हमारा गव-हमारा सवाल पदयात्रा भीरू की पुलिया से लाहीडीह पहुंची

    नेपाल बाढ़ में मिली मदद पर बालेन शाह ने संसद में कहा- ‘थैंक्यू इंडिया’

    • By TN15
    • September 2, 2026
    नेपाल बाढ़ में मिली मदद पर बालेन शाह ने संसद में कहा- ‘थैंक्यू इंडिया’

    स्वरा भास्कर के बयानों पर कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया, ‘इतिहास को…’

    • By TN15
    • September 2, 2026
    स्वरा भास्कर के बयानों पर कांग्रेस की पहली प्रतिक्रिया, ‘इतिहास को…’