हालांकि इस उपलब्धि के साथ एक दिलचस्प बात भी जुड़ी हुई है। यह कोई आधिकारिक क्रिकेट मैच नहीं था। चुनौती के नियमों के अनुसार खिलाड़ी आउट होने के बाद भी बल्लेबाजी जारी रख सकता है। चहल भी इस दौरान दो बार आउट हुए, लेकिन उन्हें अपनी पारी आगे बढ़ाने का मौका मिलता रहा. इसी वजह से उनके 100 रन एक ही लगातार पारी में नहीं बल्कि कई प्रयासों के दौरान पूरे हुए।
इस चुनौती का फॉर्मेट काफी अनोखा है। बल्लेबाज को कुल 50 गेंदें मिलती हैं. हर अगली गेंद की रफ्तार पहले से ज्यादा होती जाती है। इसका मकसद बल्लेबाज की तकनीक, प्रतिक्रिया और बड़े शॉट खेलने की क्षमता को परखना होता है. दुनिया के कई नामी बल्लेबाज इस चुनौती में हिस्सा ले चुके हैं।
चहल के इस प्रदर्शन की तुलना सोशल मीडिया पर वैभव सूर्यवंशी की आईपीएल 2025 की ऐतिहासिक पारी से भी की जा रही है। वैभव ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ सिर्फ 35 गेंदों में शतक लगाया था। हालांकि वह उपलब्धि आधिकारिक टी20 मैच में आई थी, जबकि चहल का रिकॉर्ड एक विशेष बल्लेबाजी चुनौती के दौरान बना।
अगर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में चहल के बल्लेबाजी रिकॉर्ड पर नजर डालें तो उन्होंने भारत के लिए 73 वनडे और 80 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं। इन मैचों में उनके नाम कुल 83 रन दर्ज हैं. इनमें 77 रन वनडे और 6 रन टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आए हैं।
घरेलू क्रिकेट में भी चहल ने कुछ उपयोगी पारियां खेली हैं. रणजी ट्रॉफी 2024-25 में हरियाणा की ओर से खेलते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश के खिलाफ 152 गेंदों में 48 रन बनाए थे। यह उनके करियर की सबसे उल्लेखनीय बल्लेबाजी पारियों में गिनी जाती है। हालांकि चहल की असली पहचान हमेशा उनकी गेंदबाजी रही है। वनडे क्रिकेट में उनके नाम 121 विकेट दर्ज हैं, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने 96 बल्लेबाजों को आउट किया है. बेंगलुरु में 25 रन देकर 6 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन है. वहीं वनडे क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 42 रन देकर 6 विकेट लेकर उन्होंने इतिहास रचा था।
युजवेंद्र चहल का यह नया रिकॉर्ड भले ही आधिकारिक मैच में नहीं आया हो, लेकिन इसने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्रिकेट में किसी भी खिलाड़ी से किसी भी दिन कुछ भी देखने को मिल सकता है. गेंद से कमाल करने वाला यह खिलाड़ी इस बार बल्ले से सुर्खियां बटोरने में सफल रहा।







