यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों को लेकर सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर जताई चिंता

मानवाधिकार प्रकोष्ठ के के.एम. यादव ने रूस यूक्रेन युद्ध के चलते छात्रों को होने वाली समस्या को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखा है पत्र, एक छात्रा के बीबीसी को दिए बयान का किया जिक्र 

सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया)  मानवाधिकार प्रकोष्ठ के के.एम. यादव ने यूक्रेन में मेडिकल शिक्षा ले रहे छात्र छात्राओं की सुरक्षा और उनके भविष्य को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा है। केएम यादव ने पत्र में कहा है कि जैसा कि आप जानती हैं कि रूस-यूक्रेन के मध्य चल रहे युद्ध को 1 वर्ष से अधिक का समय हो गया है और अभी भी युद्ध शांति की कोई उम्मीद नहीं नजर आ रही है| उन्होंने कहा है कि युद्ध के चलते प्राकृतिक एवं मानवीय संसाधनों का नुकसान तो हुआ ही है साथ ही में विधार्थियों की शिक्षा व्यवस्था भी चौपट हो गयी है। खाश तौर पर उन भारतीय छात्रों (लगभग 18 हजार छात्र) का भविष्य खतरे पड़ गया है जो युद्ध पूर्व यूक्रेन के विभिन्न विश्विद्यालय  में मेडिकल शिक्षा हासिल कर रहे थे जिन्हें युद्ध के चलते अपनी पढाई बीच में ही छोड़कर भारत वापस आना पड़ा|

उन्होंने कहा  है कि जब इन छात्रों को वापस लाया गया था तो भारत सरकार वादा किया गया था कि उनकी पूरी मदद की जायेगी पर आज एक वर्ष बीतने के बाद न तो युद्ध विराम हुआ और न ही भारत सरकार द्वारा कुछ ध्यान दिया गया| जबकि 14 मार्च 2022 को भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने खुद संसद में कहा था कि “छात्रों को डॉक्टर बनाने के लिए जो जरूरी होगा सरकार करेगी “ पर शिक्षा मंत्री का वादा भी कागजी बयान साबित हुआ| यहाँ तक कि विदेश मंत्रालय द्वारा भी कई बार छात्रों को मदद का भरोसा दिया गया पर कोई भी वादा पूरा नहीं किया गया | ऐसे में मजबूरन छात्रों को आपनी जान जोखिम में डालकर वापस युक्रेन जाना पड़ रहा है| सरकारी आंकड़ों के अनुसार ही लगभग 1100 छात्र युक्रेन जा भी चुके हैं और उन्हें एक ऐसे जोखिम भरे माहौल में पढाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है जहाँ पर हर समय जान जाने का खतरा बना रहता है|

उन्होंने एक छात्रा का उदाहरण देते हुए बीबीसी मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार जब वापस गए कुछ छात्रों से बात की थी एक 22 वर्षीय छात्रा सृष्टि मोज़ेज ने बताया कि दिन में जब भी मौका मिलता है, वो देहरादून में अपने मम्मी-पापा को वीडियो कॉल करती हैं। सृष्टि बताती हैं कि, ”पहले मैं उन्हें दिन में एक बार कॉल करती थी. लेकिन अब मैं जितनी बार मुमकिन होता है, उनसे बात करती हूं. मेरे पापा दिल के मरीज हैं, तो मैं चाहती हूं कि वो ज़्यादा तनाव न लें. वो जब भी यूक्रेन के बारे में ख़बरें देखते हैं, घबरा जाते हैं.”

सृष्टि किएव स्थित टारस शेवचेंको यूनिवर्सिटी में चौथे साल की छात्रा हैं। उनकी मां एक घरेलू महिला हैं और पिता टूरिस्ट गाइड हैं, वैसे तो सृष्टि की यूनिवर्सिटी में ज्यादातर पढ़ाई ऑनलाइन हो रही है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि जल्दी ही असली क्लास में भी पढ़ाई शुरू हो जाएगी।  चारों तरफ अनिश्चितता से घिरे होने का असर सृष्टि की दिमाग़ी सेहत पर भी हुआ है. वो बताती हैं, ”हम जब भी पढ़ रहे होते हैं, तब हमारे ज़ेहन में तरह-तरह के ख्याल आते रहते हैं. कई बार हम सोचते हैं कि हम ये सब क्यों कर रहे हैं? क्या हम अपना कोर्स पूरा कर पाएंगे? क्या सरकार अचानक कोई नियम बनाएगी और हमारी सारी मेहनत पर पानी फिर जाएगा? और, ज़ाहिर है यहां जंग तो चल ही रही है.”
सर्दियों के महीनों में यूक्रेन का तापमान माइनस 15 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है और बिजली ग्रिड पर रूस के लगातार हमलों से बिजली कट जाती है, जिससे घर को गर्म करना मुश्किल हो जाता है, छात्र हमें बताते हैं कि ‘स्थानीय अधिकारी हर दिन एक टाइम टेबल जारी करते हैं और हमें बताते हैं कि अगले दिन कब-कब बिजली कटौती होगी.’

सृष्टि बताती हैं कि, ”आप समझिए कि यूं होता है… 2-3 घंटे बिजली रहती है. फिर अगले 2-3 घंटे कटौती होती है और यही चक्र दोहराया जाता रहता है. यहां सब कुछ बिजली के भरोसे है. यहां तक कि खाना भी इंडक्शन पर ही पकाया जाता है. ऐसे में हम अपने डिवाइस चार्ज करने और स्टडी मटेरियल डाउनलोड करने का काम इसी चक्र से तालमेल बिठा कर करते हैं.” यादव का कहना है कि सृष्टि जैसे बहुत से छात्र हैं जो अपनी जान को जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं जिनके उपर हर समय खतरा मंडराता रहता है पर भारत सरकार को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है वो आज भी छात्रों के भविष्य पर मौन है |

उन्होंने कहा है कि सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया)  16 को रूस यूक्रेन युद्ध शान्ति के लिए कानपुर से दिल्ली  शांति यात्रा आयोजित की थी, पूरी यात्रा में हमें खूब जन समर्थन मिला था और एक बड़ी संख्या में लोगों ने युद्ध विराम के पक्ष में अपना समर्थन, सन्देश एवं हस्ताक्षर किये थे जिसे हमने 25 जुलाई 2022 को रूसी एवं यूक्रेन दूतावास के सामने प्रदर्शित भी किया था और दूतावास के प्रतिनिधि से मिलकर युद्ध विराम हेतु गए ज्ञापन में रूस एवं युक्रेन के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में शिक्षा हासिल कर रहे छात्रों के भविष्य पर भी ध्यान देने की अपील की थी| इसके साथ ही हमने भारत सरकार से भी मेडिकल छात्रों की मदद अपील की थी| पर भारत सरकार द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया| जो कि बेहद निंदनीय और खेदजनक है | अतः सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) आपके माध्यम से भारत सरकार से यह मांग करती है कि वो युक्रेन से वापस लौटे एवं अध्यनरत छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सभी छात्रों के लिए भारत में ही अपनी शिक्षा पूरी करने की व्यवस्था कराएं |

  • Related Posts

    कर्नाटक सरकार ने RSS को भेजी चिट्ठी तो भड़के महेश जेठमलानी, प्रियांक खरगे बोले- ‘मुझे उपदेश देने से पहले…’
    • TN15TN15
    • June 20, 2026

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर कर्नाटक सरकार…

    Continue reading
    उद्धव के बाद अब शरद पवार गुट में टूट की बारी? पार्टी ने माना 
    • TN15TN15
    • June 20, 2026

    महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की पार्टी में बगावत…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    दिल्ली: रेलवे स्टेशन पर सीट को लेकर हिंसक झड़प, युवक की पीट-पीटकर हत्या, तमाशा देखते रहे लोग

    • By TN15
    • June 20, 2026
    दिल्ली: रेलवे स्टेशन पर सीट को लेकर हिंसक झड़प, युवक की पीट-पीटकर हत्या, तमाशा देखते रहे लोग

    कर्नाटक सरकार ने RSS को भेजी चिट्ठी तो भड़के महेश जेठमलानी, प्रियांक खरगे बोले- ‘मुझे उपदेश देने से पहले…’

    • By TN15
    • June 20, 2026
    कर्नाटक सरकार ने RSS को भेजी चिट्ठी तो भड़के महेश जेठमलानी, प्रियांक खरगे बोले- ‘मुझे उपदेश देने से पहले…’

    UP: सरकारी स्‍कूलों में मिड डे मील बनाने वाले रसोइयों के लिए गुड न्‍यूज, रिटायरमेंट उम्र 62 साल करने की तैयारी

    • By TN15
    • June 20, 2026
    UP: सरकारी स्‍कूलों में मिड डे मील बनाने वाले रसोइयों के लिए गुड न्‍यूज, रिटायरमेंट उम्र 62 साल करने की तैयारी

    भूमिया देवी संकटमोचन हनुमान मंदिर में शिवसेना का 60 वां दिवस हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया

    • By TN15
    • June 20, 2026
    भूमिया देवी संकटमोचन हनुमान मंदिर में शिवसेना का 60 वां दिवस हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया

     बांग्लादेश के 64 जिलों में बनेगा राम मंदिर’, भगवान राम के अपमान पर भड़के बांग्लादेशी हिंदू, जोरदार प्रदर्शन

    • By TN15
    • June 20, 2026
     बांग्लादेश के 64 जिलों में बनेगा राम मंदिर’, भगवान राम के अपमान पर भड़के बांग्लादेशी हिंदू, जोरदार प्रदर्शन

    शाहदरा के मकान में लगी भीषण आग, दमकल की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं

    • By TN15
    • June 20, 2026
    शाहदरा के मकान में लगी भीषण आग, दमकल की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं