रीवा। देश के प्रसिद्ध शिक्षा व्यवस्था सुधारक पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर विगत 21 दिनों से दिल्ली के जंतर मंतर में आमरण अनशन पर थे। आज सुबह आंदोलन से डरी दमनकारी बीजेपी सरकार ने अलोकतांत्रिक तरीके से बिना किसी सार्थक वार्ता के उन्हें हिरासत में ले लिया। एड शिव सिंह ने कहा कि नीट परीक्षार्थियों के साथ सरकार ने जो अपराध किया था उस पर पर्दा डालने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बिना इस्तीफे के जंतर मंतर पर चल रहे आंदोलन स्थल से सोनम वांगचुक को हिरासत में लेकर आंदोलन को कुचलने का काम किया। आज भी दमनकारी सरकार के लोगों से सोनम वांगचुक को जान का खतरा बना हुआ है। सरकार गांधीवादी आंदोलन की परिभाषा को नहीं समझती है। शिव सिंह ने बताया कि 20 जुलाई को जंतर मंतर से लाखों लोग उनके साथ संसद तक मार्च करने जाने वाले थे उसके पहले ही उन्हें हिरासत में लिया गया जिसके विरोध में 19 जुलाई रविवार को रीवा कमिश्नरी के समक्ष दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धरना आयोजित किया जाएगा। शिव सिंह ने रीवा संभाग सहित जिले भर के छात्र-छात्राओं युवाओं कलाकारों रचनाकारों समाजसेवियों संगठनों के साथियों अधिवक्ताओं बुद्धजीवियों राजनीतिक दलों के साथियों किसान संगठनों आम नागरिकों से धरना कार्यक्रम में पहुंचने की अपील की है।







