क्वाड लोकतांत्रिक देशों का गठबंधन-अमेरिका
अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने मंगलवार (26 मई 2026) को क्वाड समूह के आर्थिक और रणनीतिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्वाड सिर्फ एक चर्चा मंच नहीं है, बल्कि अब यह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझा हितों और सहयोग के लिए काम करने वाला मजबूत गठबंधन बन चुका है। संयुक्त प्रेस बयान में रुबियो ने कहा कि क्वाड में शामिल देश मिलकर दुनिया की लगभग एक-तिहाई जीडीपी का प्रतिनिधित्व करते हैं और इन देशों की कुल आबादी 2 अरब से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत देशों का समूह नहीं है, बल्कि ऐसे लोकतांत्रिक देशों का गठबंधन है जो समान मूल्यों, मजबूत लोकतंत्र और आर्थिक विकास के साझा विचारों में विश्वास रखते हैं।
अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना जरूरी-एस जयशंकर
एस जयशंकर ने कहा कि चारों देश समुद्री स्तर पर लोकतंत्र हैं और इंडो-पैसिफिक के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद हैं। ऐसे में विचारों का आदान-प्रदान काफी जरूरी है। उन्होंने कहा कि समुद्री क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ रहा है और इसमें निगरानी, डोमेन जागरूकता, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, समुद्र के नीचे केबल, ट्रेनिंग, क्षमता निर्माण और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इन क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा. जयशंकर ने सुरक्षित और बिना रुकावट वाले समुद्री व्यापार के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह पालन होना जरूरी है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि क्वाड के चारों देश बाजार आधारित इकॉनोमी वाले देश हैं और सभी आर्थिक मजबूती को बढ़ावा देने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन को मजबूत करना, भरोसेमंद और सुरक्षित तकनीक को बढ़ावा देना और उत्पादन क्षमता बढ़ाना समय की जरूरत है. बैठक में ऊर्जा और उर्वरक की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई. माना जा रहा है कि क्वाड देशों की यह पहल इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक और आर्थिक संतुलन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।







