सियासी जंग में फंसी असम की ‘मियां’ मछलियां!

 सीएम हिमंता के बाद गिरिराज सिंह ने क्यों की बयानबाजी?

 यह है पूरा मामला

दीपक कुमार तिवारी

पटना/बेगूसराय/गुवाहाटी। सियासी जंग में असम की ‘मियां’ मछलियां फंस गईं। CM हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि ‘मियां मुसलमानों’ की उत्पादित मछली खाने से स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। सीएम हिमंता के मुताबिक ऐसी मछलियों को यूरिया खिलाकर उनका उत्पादन बढ़ाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इन मछलियों के उत्पादन और कारोबार में असम के बंगाली भाषी मुसलमान जुड़े हुए हैं। जिन्हें असम में ‘मियां’ कहकर बुलाया जाता है। इसी मसले पर बेगूसराय में गिरिराज सिंह ने बयान दिया है। दरअसल, असम के नागांव जिले में मछली व्यापारियों ने ऊपरी असम में फिश सप्लाई अनिश्चितकाल के लिए सस्पेंड कर दी है। ये फैसला धींग में एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद लिया गया है। इनका कहना है कि इस वारदात के बाद कुछ लोग ‘मियां’ समुदाय को निशाना बना रहे हैं।
असम में ‘मियां मुसलान’ मछलियों पर हो रही बयानबाजी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी कूद पड़े। उन्होंने कहा कि असम में सीएम की ओर से मछली पर प्रतिबंध लगाने का समर्थन करते हैं। ये उचित फैसला है। गिरिराज सिंह ने कहा कि वहां के मुख्यमंत्री (हिमंता बिस्वा सरमा) अपनी जनता की भलाई के लिए अगर उन्हें लग रहा है कि मछली खाने से स्वास्थ्य ठीक नहीं होगा। जांच कराया होगा। ये उचित करवाई है।
इसके साथ ही बदरुद्दीन अजमल के असम में नमाज बैन चालू करने के बयान पर गिरिराज सिंह ने कहा कि उनकी मानसिकता कभी पूरी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि बदरुद्दीन अजमल भूले नहीं कि भारत में कभी भी उनकी गजवा-ए-हिंद की मानसिकता पूरी नहीं होगी। चाहे इसके लिए जान की बाजी क्यों नहीं लगानी पड़े।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने लोगों को एक खास तरह की मछली खाने के खिलाफ चेतावनी दी है। उनका कहना है कि ‘मियां मुसलमानों’ की उत्पादित मछली खाने से स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। मुख्यमंत्री के अनुसार ऐसी मछलियों को यूरिया खिलाकर उनका उत्पादन बढ़ाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। हिमंता ने कहा कि राज्य में डायलिसिस मशीनों की संख्या बढ़ाने के बावजूद, डायलिसिस कराने वालों की लंबी कतारें कम नहीं हुई हैं। उनका मानना है कि यूरिया खिलाकर पाली गई मछली के सेवन से स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं, जिससे किडनी की बीमारियां भी बढ़ रही है।
असम के मुख्यमंत्री ने ये भी बताया कि नगांव के ‘मियां मुसलमानों’ ने ऊपरी असम को मछली भेजना बंद कर दिया है। हालांकि, उनका मानना है कि इस तरह के कदमों का असम के लोगों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों को ‘स्वास्थ्य सम्मत मछली’ ही खानी चाहिए। अत्यधिक यूरिया व्यवहार करके जिस मछली का उत्पादन किया जाता है, उसके खाने की वजह से आज हमारे समाज में धीरे-धीरे किडनी संबंधी बीमारियां काफी बढ़ गई हैं। मुख्यमंत्री हिमंता के बयान के बाद ये मुद्दा काफी चर्चा का विषय बन गया है। इसी मसले पर बेगूसराय में गिरिराज सिंह ने भी इस पर बयान दिया।
दरअसल, असम के नागांव जिले के मछली व्यापारियों ने ऊपरी असम में ‘मियां’ समुदाय के खिलाफ हो रहे विरोध के कारण अपने उत्पादों को वहां न भेजने का फैसला किया है। व्यापारियों का कहना है कि धींग में एक नाबालिग लड़की के साथ हुई बलात्कार की घटना के बाद से ऊपरी असम में कुछ समूह ‘मियां’ समुदाय को निशाना बना रहे हैं, जो स्वीकार्य नहीं है।
‘मियां’ शब्द का इस्तेमाल असम में बंगाली भाषी मुसलमानों के लिए किया जाता है। गैर-बांग्ला भाषी लोग अक्सर उन्हें बांग्लादेशी प्रवासी मानते हैं। हालांकि, हाल के वर्षों में, समुदाय के कार्यकर्ताओं ने ‘मियां’ शब्द को अपनी पहचान के रूप में अपनाना शुरू कर दिया है। धींग में 22 अगस्त को 14 वर्षीय लड़की के साथ कथित तौर पर तीन लोगों ने बलात्कार किया था। घटना के बाद से ही ऊपरी असम, खासकर शिवसागर जिले में, कई संगठनों ने ‘मियां’ समुदाय को एक हफ्ते के अंदर इलाका छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है। मछली व्यापारियों का ये कदम ‘मियां’ समुदाय के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों के प्रति एकजुटता दिखाता है। उनका कहना है कि जब तक ‘मियां’ समुदाय के खिलाफ हो रहे उत्पीड़न को रोका नहीं जाता, वे ऊपरी असम में मछली की सप्लाई शुरू नहीं करेंगे।
नागांव से हर दिन करीब चार क्विंटल मछली ऊपरी असम भेजी जाती है। लेकिन मछली व्यापारियों के इस फैसले से ऊपरी असम के नौ जिलों में मछली की सप्लाई ठप हो गई है। ग्रेटर जुरिया फिश कीपर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष इब्राहिम खान ने कहा, ‘धींग की घटना के बाद, जिसकी हम सभी निंदा करते हैं, ऊपरी असम के जिलों में कुछ समूहों ने मियां लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ये स्वीकार्य नहीं है और इसलिए हमने उन क्षेत्रों में मछली की सप्लाई बंद करने का फैसला किया है।’

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