महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने जेन जी के सदस्यों के साथ बातचीत करने में काफी देर कर दी। नासिक में मीडिया से बातचीत के दौरान राज ठाकरे ने हाल ही में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का पेपर लीक होने के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा और कहा कि यह युवाओं के भीतर पनप रहे गुस्से का नतीजा है। MNS चीफ कहा कि जंतर-मंतर पर हुआ प्रदर्शन देश के हर घर तक पहुंचा है और यह तो बस एक शुरुआत है।
विरोध प्रदर्शन करना देशविरोधी नहीं बनाता- मोहन भागवत
मोहन भागवत ने गुरुवार (6 अगस्त)को मुंबई में जेन जी और जेन अल्फा (2012 के बाद जन्मे बच्चे/किशोर) के सदस्यों से बातचीत की थी और उनके समर्थन में उतरते हुए कहा था कि उनकी शिकायतें वास्तविक हैं तथा युवाओं का विरोध प्रदर्शन करना उन्हें देशविरोधी नहीं बनाता है। इस संवाद को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) द्वारा नीट पेपर लीक के विरोध में किए गए प्रदर्शनों और उसके बाद पिछले महीने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद से, आरएसएस का युवाओं के प्रति सबसे बड़ा संपर्क अभियान माना जा रहा है।
बीजेपी की अंदरूनी लड़ाई के चलते हुए विरोध प्रदर्शन- राज ठाकरे
मोहन भागवत के इस संवाद से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए ठाकरे ने कहा, ‘यह काम बहुत देर से हुआ.’ MNS प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक को लेकर हुआ विरोध प्रदर्शन बीजेपी की अंदरूनी लड़ाई का परिणाम था। उन्होंने कहा, ‘जब भी कोई अपने विरोधियों को खत्म कर देता है, तो संगठन के भीतर ही दुश्मन पैदा हो जाते हैं।







