एससीडीएवी द्वारा ‘रन फॉर पीस’ के आदर्श वाक्य पर मैराथन दौड़ का आयोजन

ऋषि तिवारी
नोएडा। एससीडीएवी द्वारा ‘रन फॉर पीस’ के आदर्श वाक्य पर प्रकाश डालते हुए एक उल्लासपूर्ण मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। महात्मा गांधी की जयंती के उपलक्ष्य में दो अक्टूबर 2024 को स्कूल नोएडा में आयोजित किया गया।

मैराथन दौड़ का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह, जी.बी.नगर एवं विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती चित्रकांत ने किया। मुख्य अतिथि ने दर्शकों को प्रेरक शब्दों से संबोधित किया। यह लगभग 5 किमी की एक छोटी दौड़ थी जिसमें 200 से अधिक छात्रों और 30 शिक्षकों ने भाग लिया। विजेताओं को ट्रॉफी से सम्मानित किया गया और सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए गए। स्कूल के प्रिंसिपल ने विजेताओं को बधाई दी और सच्ची खेल भावना के सार और समय की आवश्यकता के रूप में अहिंसा के महत्व के बारे में बात की। कार्यक्रम में छात्रों और शिक्षकों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अतिथियों ने प्रशंसा की। यह आयोजन ज़बरदस्त सफल साबित हुआ।

  • Related Posts

    ₹42,000 न्यूनतम वेतन क्यों जरूरी है? – मजदूर का पसीना, देश की तरक्की है : गंगेश्वर दत्त शर्मा

    नोएडा । न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी व अन्य…

    Continue reading
    भारत के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की सशक्त धुरी थीं अहिल्याबाई होलकर : लक्ष्मण प्रसाद आचार्य

    लक्ष्मीबाई महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय ने आधारभूत संरचना और…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    यूपी से राज्य सभा में जाएंगी स्मृति ईरानी? 

    यूपी से राज्य सभा में जाएंगी स्मृति ईरानी? 

    भारत की महिला टीम ने कबड्डी में जीता गोल्ड मेडल, कांटे की टक्कर में ईरान को हराया

    भारत की महिला टीम ने कबड्डी में जीता गोल्ड मेडल, कांटे की टक्कर में ईरान को हराया

    ₹42,000 न्यूनतम वेतन क्यों जरूरी है? – मजदूर का पसीना, देश की तरक्की है : गंगेश्वर दत्त शर्मा

    ₹42,000 न्यूनतम वेतन क्यों जरूरी है? – मजदूर का पसीना, देश की तरक्की है : गंगेश्वर दत्त शर्मा

    ज्ञानेश कुमार के काम पर आपत्ति दर्ज कराने वाले चुनाव आयुक्तों संधू और जोशी को फंसाने की फ़िराक में केंद्र सरकार!

    ज्ञानेश कुमार के काम पर आपत्ति दर्ज कराने वाले चुनाव आयुक्तों संधू और जोशी को फंसाने की फ़िराक में केंद्र सरकार!

    ‘प्रधानमंत्री का अपमान करने पर…’, CJP के सौरभ दास हाई कोर्ट के इस फैसले पर हो गए खुश

    ‘प्रधानमंत्री का अपमान करने पर…’, CJP के सौरभ दास हाई कोर्ट के इस फैसले पर हो गए खुश

    भारत के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की सशक्त धुरी थीं अहिल्याबाई होलकर : लक्ष्मण प्रसाद आचार्य

    भारत के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की सशक्त धुरी थीं अहिल्याबाई होलकर : लक्ष्मण प्रसाद आचार्य