गिरफ्तार किसानों को तत्काल रिहा करने की मांग, अन्यथा बड़े आंदोलन की चेतावनी
गौतम बुद्ध नगर। आबादी के निस्तारण, 10 प्रतिशत विकसित भूखंड देने तथा नए भूमि अधिग्रहण कानून को लागू कराने सहित विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा, किसान परिषद एवं किसान एकता संघ द्वारा आज यमुना प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। लेकिन प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे किसानों को पुलिस द्वारा जबरन हिरासत में लेकर जेल भेजने तथा अनेक लोगों को अलग-अलग थानों और रास्तों में रोककर बंद करने एवं घरों में नजरबंद करने की कार्रवाई की गई।
सीटू जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा, जिला कमेटी सदस्य अरुण कुमार पटेल तथा जनवादी महिला समिति की नेता रेखा चौहान सहित कई कार्यकर्ताओं को थाना सेक्टर-49, नोएडा पुलिस ने रास्ते से गिरफ्तार कर लिया और दिनभर सेक्टर-47 स्थित पुलिस चौकी पर बैठाए रखा। देर शाम उन्हें रिहा किया गया।
सीटू जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा, जिला कमेटी सदस्य अरुण कुमार पटेल तथा जनवादी महिला समिति की नेता रेखा चौहान सहित कई कार्यकर्ताओं को थाना सेक्टर-49, नोएडा पुलिस ने रास्ते से गिरफ्तार कर लिया और दिनभर सेक्टर-47 स्थित पुलिस चौकी पर बैठाए रखा। देर शाम उन्हें रिहा किया गया।
रिहाई के बाद सीटू जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने उत्तर प्रदेश सरकार और गौतम बुद्ध नगर पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अपने जायज अधिकारों और मांगों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना किसानों और नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार है। इस अधिकार को दबाने के लिए गिरफ्तारी, हिरासत और नजरबंदी का सहारा लेना लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है।
उन्होंने मांग की कि गिरफ्तार किए गए सभी किसानों और कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा किया जाए तथा शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने की कार्रवाई बंद की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की जायज मांगों का दमन करने के बजाय सरकार और प्राधिकरण को बातचीत के जरिए उनका समाधान करना चाहिए। गंगेश्वर दत्त शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तार किसानों की तत्काल रिहाई और उनकी मांगों के समाधान की दिशा में उचित कदम नहीं उठाए गए, तो किसान-मजदूर संगठनों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
उन्होंने मांग की कि गिरफ्तार किए गए सभी किसानों और कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा किया जाए तथा शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने की कार्रवाई बंद की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की जायज मांगों का दमन करने के बजाय सरकार और प्राधिकरण को बातचीत के जरिए उनका समाधान करना चाहिए। गंगेश्वर दत्त शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तार किसानों की तत्काल रिहाई और उनकी मांगों के समाधान की दिशा में उचित कदम नहीं उठाए गए, तो किसान-मजदूर संगठनों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।






