अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मिडिल ईस्ट में शांति को लेकर इजरायल और ईरान हमले बंद करने को कहा है। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर लिखा कि इजरायल और ईरान को तुरंत एक-दूसरे पर गोलीबारी बंद कर देनी चाहिए। ट्रंप का बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले (7 जून 2026) को एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों का जवाब न देने का आग्रह किया था। ट्रंप ने कहा था कि इससे तीन महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए शांति समझौते की बातचीत खतरे में पड़ जाएगी।
ट्रंप ने ईरान से बातचीत पर जोर दिया
अमेरिकी मीडिया आउटलेट ‘एक्सियोस’ ने अपनी खबर में कहा कि रविवार को ईरान द्वारा इजराइल पर मिसाइलें दागे जाने के बाद, ट्रंप ने नेतन्याहू से बात की ताकि दोनों देशों के बीच नए सिरे से तनाव पैदा होने से शांति समझौते पर असर न पड़े। ट्रंप ने ईरान से भी बातचीत की मेज पर लौटने का आग्रह किया था।
फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “हम समझौते के बेहद करीब हैं. मुझे लगता है कि सोमवार, मंगलवार या बुधवार तक शांति समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं.” उन्होंने ईरान को भी संदेश देते हुए कहा, “आपने अपनी मिसाइलें दाग दीं, अब इतना काफी है. बातचीत की मेज पर लौटिए और समझौता कीजिए।
इजरायल जवाबी कार्रवाई से बचेगा: ट्रंप
ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी हमलों से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और उम्मीद जताई कि इजरायल जवाबी कार्रवाई से बचेगा। उन्होंने कहा, “अगर बीबी (नेतन्याहू) फिर हमला करते हैं तो यह सिलसिला चलता ही रहेगा, जैसा पिछले कई दशकों से होता आया है.” फाइनेंशियल टाइम्स’ से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ जो भी समझौता करेगा, उसे नेतन्याहू को स्वीकार करना ही पड़ेगा. ट्रंप ने नेतन्याहू के बारे में कहा, ‘‘उनके पास कोई विकल्प नहीं होगा।
ट्रंप ने रविवार (7 जून 2026) को लेबनान की राजधानी बेरूत पर इजराइल के हमलों की भी आलोचना की और कहा कि वह इससे ‘‘खुश नहीं हैं’’. ‘एक्सियोस’ ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि ट्रंप ने फोन पर नेतन्याहू से कहा कि वह कुछ समय के लिए रुकें क्योंकि समझौता होने ही वाला है.








