पहले प्रदेश अध्यक्ष होंगे दलित वर्ग से
भवेश कुमार
पटना। प्रशांत किशोर ने बताया कि दो अक्टूबर 2024 को ‘जन सुराज’ दल बनने जा रहा है। जन सुराज दल बनता है तो जेनरल, ओबीसी, मुस्लिम इस तरह करके कुल पांच वर्गों में इसे बांटा जाएगा।
प्रशांत किशोर ने बताया कि जन सुराज दल बनता है तो जेनरल, ओबीसी, मुस्लिम इस तरह करके कुल पांच वर्गों में इसे बांटा जाएगा।उन्होंने कहा, “दल के नेतृत्व पर गहन चर्चा हुई है। मैं आपसे साझा करना चाहता हूं। यह तय किया गया है कि हर बार पांच वर्गों में से एक वर्ग को दल के नेतृत्व करने का अवसर दिया जाए।
दल का लीडर कौन होगा या किस वर्ग से होगा? तो यह सबने तय किया कि इन पांचों वर्गों को दल का नेतृत्व करने का अवसर दिया जाए।”
पीके ने कहा, “दो सवाल है, पहला मौका किसको मिलेगा ? कितने दिन के लिए मिलेगा ? तो कितने दिन के लिए मिलेगा यह आप तय कर लीजिए। एक सुझाव ये है कि जो दल का नेतृत्व करेगा उसको एक साल का अवसर दिया जाएगा ताकि पांच साल में पांचों वर्गों के लोगों को एक-एक साल दल का नेतृत्व करने का अवसर मिले।
दूसरा सुझाव है कि दो-दो साल का मौका मिले, क्योंकि एक साल में तो ज्यादा काम नहीं कर पाएगा, लेकिन जो लोग एक साल के पक्ष में हैं उससे यह है कि पांच साल में सभी वर्गों को काम करने का मौका मिल जाएगा।
उन्होंने आगे कहा, “जो लोग दो साल के पक्ष में हैं तो परेशानी ये है कि अगर एक बार दलित समाज का अध्यक्ष बन गया तो आठ साल के बाद ही उसको फिर अवसर मिलेगा।”
इस कार्यशाला में आए जन सुराज के पदाधिकारियों से प्रशांत किशोर ने पूछा कि अब आप बताइए कि दल के अध्यक्ष की समय-सीमा एक साल होनी चाहिए या दो साल ? इस पर सबने कहा एक साल।








