भीम आर्मी से बाबा साहेब का मिशन सीखेंगे आकाश आनंद ?

चरण सिंह 

नगीना के सांसद और आजाद समाज पार्टी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद ने बसपा मुखिया मायावती के राजनीतिक उत्तराधिकारी और बसपा के पूर्व राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर आकाश आनंद को भीम आर्मी ज्वाइन कर बाबा भीम राव अंबेडकर के मिशन को सीखने की नसीहत दी है। दरअसल चंद्रशेखर आजाद एक चैनल पर इंटरव्यू दे रहे थे। इस इंटरव्यू में जब पत्रकार ने चंद्रशेखर पूछा कि आकाश आनंद से आपके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कौन चंद्रशेखर। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जो व्यक्ति समाज के लिए रात एक दिन किये हुए है। जो व्यक्ति समाज के लिए लाठी डंडे खा रहा है। जिस व्यक्त के नाखून तक उखाड़ लिये गये। उस व्यक्ति को कोई विशेष व्यक्ति नहीं जानता तो क्या फर्क नहीं पड़ता है। चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि हमारा समाज तो जानता है। चंद्रशेखर आजाद ने सीतापुर में आकाश आनंद के दिये भाषण की चर्चा करते हुए कहा कि उनके भाषण पर ही मुकदमे दर्ज कर लिये गये। उन्होंने कहा कि वह तो समाज की लड़ाई लड़ रहे हैं। समझ लीजिए कि उनको कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा होगा।

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि आकाश आनंद को पहले भीम आर्मी में आकर बाबा साहेब के मिशन को समझना चाहिए। चंद्रशेखर का कहना है कि बड़ा पद लेकर बड़ा काम नहीं होता है। सामान्य पद से भी बड़ा काम हो जाता है। उनका कहना था कि वह उनके छोटे भाई है। उन्हें भी खुशी होगी जब वह बड़े नेता होंगे। ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या चंद्रशेखर आजाद वास्तव में आकाश आनंद को बड़ा नेता बनते देखना चाहते हैं। बिल्कुल नहीं चाहते होंगे। यही तो राजनीति है।

चंद्रशेखर आजाद भी जानते हैं कि मायावती आकाश आनंद को उनके प्रतिद्वंद्वी के रूप में तैयार कर रही हैं। ऐसे में उनका कूटनीतिक प्रयास यह होगा कि आकाश आनंद का राजनीतिक करियर बैसाखी पर ही टिका रहे। चंद्रशेखर आजाद ने आकाश आनंद की यह कमजोरी पकड़ ली है कि वह मुकदमा दर्ज होने से डरते हैं। वैसे भी नगीना में भाषण देते हुए आकाश आनंद ने चंद्रशेखर आजाद का नाम न लेते हुए उन पर आरोप लगाया था कि वह बरगला कर उनके समाज के युवाओं को आंदोलन में ले जाते हैं और उन पर मुकदमा दर्ज करा देते हैं, जिसके चलते हमारे समाज के युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। चंद्रशेखर आजाद आंदोलनकारी नेता हैं।

आंदोलनकारी नेता की सबसे बड़ी खुराक आंदोलन ही होता है। यही वजह है कि वह बड़ा नेता है। जो नेता आंदोलन करने से डरता है वह बड़ा नेता नहीं बन पाता है। यह चंद्रशेखर आजाद का आंदोलन ही है कि जनपद बिजनौर में जो काम आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता करा ले जाते हैं, वह काम सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा के नेता नहीं करा पा रहे हैं। चंद्रशेखर आजाद का आगे बढ़ने का आधार भी आंदोलन ही है। चंद्रशेखर आजाद ने अपने कार्यकर्ताओं को भी आंदोलनकारी बना दिया है। मतलब चंद्रशेखर आजाद आंदोलनकारी और आकाश आनंद आंदोलन से बचने वाले नेता हैं।
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