गौतम बुद्ध नगर, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के अवसर पर जिले के किसान संगठनों ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार द्वारा नए भूमि अधिग्रहण कानून को लागू नहीं किया गया, जिसके कारण किसानों की जमीन बेहद कम कीमत पर ले ली गई। किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने बयान जारी करते हुए कहा कि किसानों की जमीन पर एयरपोर्ट बनाया गया, लेकिन उन्हें न तो उचित मुआवजा मिला और न ही समुचित पुनर्वास। उन्होंने बताया कि नए कानून के अनुसार किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा एवं 20% विकसित भूमि देने का प्रावधान है, लेकिन जेवर के विस्थापित किसानों को इन सुविधाओं से वंचित रखा गया है।
किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि एयरपोर्ट से प्रभावित किसान पूरी तरह उजड़ गए हैं, जबकि इस परियोजना से जुड़ी कंपनियां भारी मुनाफा कमा रही हैं। यह स्पष्ट रूप से किसानों के साथ अन्याय है।
जिला महासचिव संदीप भाटी ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में किसानों की समस्याओं का कोई समाधान नहीं हुआ। 10% प्लॉट नहीं मिला है एवं 6% का नियोजन आज तक नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी मुख्यमंत्री जनपद में आते हैं, किसानों के लिए संघर्ष कर रहे नेताओं को नजरबंद कर दिया जाता है और फर्जी प्रतिनिधियों के माध्यम से औपचारिकताएं पूरी कर ली जाती हैं।
किसान सभा एवं अन्य संगठनों ने पिछले तीन वर्षों से लगातार आंदोलन किया है। दिसंबर 2024 में बड़ी संख्या में किसान जेल भी गए, लेकिन इसके बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
सह-संयोजक जगबीर नंबरदार ने कहा कि किसानों की आबादी से जुड़े मुद्दे पिछले 40 वर्षों से लंबित हैं। हाई पावर कमेटी की सिफारिशों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
किसानों का कहना है कि जनपद में बड़े-बड़े प्रोजेक्ट आने के बावजूद वे स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। योगी सरकार से जो उम्मीदें थीं, वे पूरी तरह विफल साबित हुई हैं।







