यह मतभेद लालू परिवार के अंदर भी दिखता है। लालू और उनकी बेटी मीसा भारती नीतीश के लिए दरवाजा खुला रखने की बात करते हैं, जबकि तेजस्वी और तेज प्रताप यादव इसे बंद बताते हैं। इस कन्फ्यूजन की वजह लालू की पुरानी दोस्ती और नीतीश के साथ सियासी रणनीति को बनाए रखने की इच्छा हो सकती है, जबकि तेजस्वी नई पीढ़ी के नेता के रूप में अपनी स्वतंत्र छवि और कड़ा रुख बनाए रखना चाहते हैं।
इसके अलावा, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नजदीक आने से RJD के अंदर रणनीति को लेकर असमंजस है। लालू का मानना है कि नीतीश की वापसी से महागठबंधन मजबूत हो सकता है, लेकिन तेजस्वी नीतीश की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए नया नेतृत्व स्थापित करना चाहते हैं। नीतीश ने खुद NDA के साथ बने रहने की बात कही है, जिससे RJD की अंदरूनी बहस और कन्फ्यूजन बढ़ गया है।








