उत्तर प्रदेश में आगामी नवंबर 2026 में खाली हो रहीं 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनावों का ऐलान हो गया है। मौजूदा संख्याबल के आधार पर यह तय माना जा रहा है कि दो पर समाजवादी पार्टी और 8 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी आसानी से जीत सकती है। इन सबके बीच सपा चीफ अखिलेश यादव ने दावा किया है कि वह सरप्राइज देंगे। 28 सितंबर, सोमवार को राजधानी लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान राज्यसभा चुनाव से जुडे़ सवाल पर कन्नौज सांसद ने कहा कि राज्यसभा को लेकर मैंने सबसे सुझाव ले लिया है।
निवर्तमान 10 सीटों में से आठ भाजपा, एक सपा और एक बसपा के पास थीं. मौजूदा विधानसभा में संख्या बल के आधार पर भाजपा को सर्वाधिक सीटें मिलने की संभावना है, जबकि उसके बाद सपा का प्रतिनिधित्व होगा.
क्या है संख्याबल ?
हाल ही में आगरा की फतेहाबाद सीट से भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा के निधन के बाद 403 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा गठबंधन के 288 विधायक हैं। इनमें भाजपा के 255, अपना दल (सोनेलाल) के 13, राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के नौ, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के छह और निषाद पार्टी के पांच विधायक शामिल हैं. सपा-कांग्रेस गठबंधन के पास करीब 103 विधायक हैं, जिनमें सपा के 101 विधायक शामिल हैं. जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के दो और तीन निर्दलीय विधायक हैं. इन तीन निर्दलीय विधायकों में उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य मंत्री मनोज कुमार पांडेय भी शामिल हैं। ये तीनों विधायक सपा के टिकट पर चुनाव जीते थे, लेकिन राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी से उनकी दूरियां बढ़ गई थीं।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 10 सीट शामिल हैं, जिन पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। चुनाव के लिए अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि छह अक्टूबर और मतगणना 16 अक्टूबर को होगी।







