पाकिस्तान आर्मी वर्तमान में खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में एक उच्च तीव्रता वाला आतंकवाद-रोधी ऑपरेशन चला रही है, जिसका नाम ऑपरेशन आज़म-ए-इस्तेहकाम (Resolve for Stability) बताया जा रहा है। यह ऑपरेशन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और अन्य आतंकी समूहों के खिलाफ चलाया जा रहा है, जो अफगानिस्तान सीमा के पास पहाड़ी इलाकों में सक्रिय हैं। इस ऑपरेशन के तहत, 55,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं और 27 इलाकों में 72 घंटे का कर्फ्यू लगाया गया है, जिससे लगभग 4 लाख लोग घरों में कैद हैं।
प्रमुख बिंदु:
विस्थापन: बाजौर में इस ऑपरेशन के कारण करीब 55,000 से 1,00,000 लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर गए हैं। कई लोगों को भोजन, आश्रय और चिकित्सा सहायता की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
कर्फ्यू: 27 इलाकों में लगाए गए 72 घंटे के कर्फ्यू ने स्थानीय लोगों की आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया है, जिससे मानवीय संकट बढ़ गया है।
उद्देश्य: यह ऑपरेशन TTP और अन्य आतंकी समूहों के ठिकानों को निशाना बना रहा है, जो 2022 में TTP द्वारा संघर्ष विराम खत्म होने के बाद से हमलों में वृद्धि कर रहे हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया: स्थानीय लोग और राजनीतिक दल, विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) सरकार, इस ऑपरेशन का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे आम नागरिकों को अधिक नुकसान हो रहा है।








