सिल्वर मेडल लेकर ही लौटेंगी विनेश फोगाट! 

चरण सिंह 
नई दिल्ली। कुश्ती के क्षेत्र में विनेश फोगाट एक ऐसा नाम स्थापित हो गया है, जिसकी चर्चा न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में हो रही है। विनेश फोगाट के साथ जो हुआ ओलंपिक में ऐसा सुना नहीं गया है। दरअसल 50 किलोग्राम वजन में विनेश फोगाट फ़ाइनल में पहुंच गई थीं। वह गोल्ड के लिए फाइट करतीं पर उनका सिल्वर मेडल तो पक्का माना जा रहा था। दुर्भाग्यवश 100 ग्राम वजन ज्यादा होने पर उनको अयोग्य घोषित कर दिया गया। विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक्स 2024 में डिसक्वालीफिकेशन के मामले पर अपील की थी। उनके मामले को लेकर ‘कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स’ (सीएएस) ने अपडेट दिया है उससे विनेश फोगाट को सिल्वर मेडल मिलने उम्मीद जग गई है।
सीएएस ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए बताया है कि विनेश के मामले को लेकर ओलंपिक खत्म होने से पहले फैसला आ जाएगा। मतलब सीएएस चाहता है कि ओलंपिक के बीच ऐसा कुछ न हो कि कुछ अव्यवस्था पैदा हो जाये। क्योंकि विनेश फोगाट को अयोग्य यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने करार दिया है तो इसलिए सीएएस चाहता है कि यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग के बारे कोई कोई गलत संदेश न जाये। मतलब साफ है कि जब सुनवाई शुक्रवार को हो तो फिर फैसले के लिए लम्बा इंतजार क्यों ? मतलब फैसला विनेश फोगाट के पक्ष आने की उम्मीद है। वैसे भी सीएएस के अधिकतर फैसले खिलाड़ी के पक्ष में ही आते हैं।
दरअसल सीएएस ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है कि इस मामले पर सुनवाई शुक्रवार को होगी। वेबसाइट पर लिखा गया है कि ओलंपिक्स गेम्स खत्म होने से पहले फैसला आने की उम्मीद है। मतलब फैसला ओलंपिक के समापन से पहले आ जाएगा। सीएएस का कहना है कि यह ऐसा मामला है कि इस पर एक घंटे के अंदर फैसला नहीं लिया जा सकता है। सीएएस का यह बयान कहीं न कहीं विनेश फोगाट के पक्ष जा रहा है। इस बयान में कहा गया है कि विनेश फोगाट ने इस मामले पर त्वरित फैसले का निवेदन नहीं किया है फिर भी प्रक्रिया काफी तेजी से आगे बढ़ेगी।

देखने की बात यह है कि विनेश फोगाट ने अपना क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मैच जीत लिया था। उन्होंने सेमीफाइनल में क्यूबा की रेसलर युसनेलिस गुजमैन को 5-0 से हराया था। विनेश ने यूक्रेन की ओकसाना लिवाच को 7-5 से मात दी थी। यह क्वार्टर फाइनल मुकाबला था।  वहीं विनेश ने जापान की यूई सुसाकी को 3-2 से पटका था, लेकिन वे गोल्ड मेडल के मैच से पहले ही अयोग्य ठहरा दी गईं। विनेश को डिसक्वालीफाई कर दिया गया।

विनेश फोगाट ने डिसक्वालीफाई होने के बाद ‘कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स’ (सीएएस) में याचिका दायर की थी। विनेश का वजन नियम से ज्यादा पाया गया था, उन पर 100 ग्राम वजन भारी पड़ गया। विनेश ने वजन कम करने के लिए हर संभव कोशिश की अपने बाल भी कटवाए।  इसके साथ ही कपड़े भी छोटे किए पर सफलता उनके हाथ नहीं लगी। इसी वजह से उन्होंने कोर्ट का रुख किया।

दरअसल पहली बार 1896 में ओलंपिक खेला गया था। इसका आयोजन ग्रीस में हुआ था पर इसके बाद कुछ विवाद होने लगे। खिलाड़ियों ने नियमों को लेकर नाराजगी जाहिर की। इसी तरह के विवादों को देखते हुए इनके हल के लिए ‘कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स’ का गठन 1984 में किया गया। इसका हेड ऑफिस स्विट्जरलैंड में स्थित है, यह एक स्वंत्रत संस्था है, जो कि खेल से जुड़े विवादों का हल निकालती है।
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