नोएडा । डी.आई.सी. इंडिया लिमिटेड (सी-55, ए एवं बी, फेज-2, नोएडा) प्रबंधन द्वारा छह स्थायी श्रमिकों की अवैध छंटनी, यूनियन महामंत्री के दो वर्षों से जारी निलंबन, स्थायीकरण में विलंब और अनुचित श्रम व्यवहार के विरोध में आज सीटू के नेतृत्व में सैकड़ों मजदूरों ने श्रम कार्यालय, सेक्टर-3, नोएडा पर जोरदार प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू जिला महासचिव रामस्वारथ, जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा, जिला कमेटी सदस्य भरत डेंजर, डीआईसी इंडिया एम्प्लाइज यूनियन के नेता सुनील उपाध्याय, रवि, नवीन सक्सेना, रामकुमार यादव आदि ने किया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि डीआईसी इंडिया जैसी आर्थिक रूप से सुदृढ़ बहुराष्ट्रीय कंपनी द्वारा बिना पूर्व नोटिस छह स्थायी श्रमिकों को 30-06-2026 को नौकरी से निकालना औद्योगिक विवाद अधिनियम का खुला उल्लंघन है। यूनियन महामंत्री सुनील कुमार उपाध्याय को लगभग दो वर्षों से दुर्भावनापूर्ण तरीके से निलंबित रखना, वर्षों से कार्यरत श्रमिकों का स्थायीकरण न करना, अप्रैल 2025 से परिवर्तनशील महंगाई भत्ता न देना और कैजुअल मजदूरों को समझौते के लाभों से बाहर रखना प्रबंधन की श्रमिक विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।
नेताओं ने कहा कि सुलह कार्यवाही लंबित रहते हुए प्रबंधन द्वारा चार श्रमिकों को फर्जी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, जिन्हें श्रम अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर द्वारा पहले ही अवैध, अनुचित तथा शून्य घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद प्रबंधन श्रम शांति भंग करने के योजनाबद्ध प्रयास कर रहा है। ज्ञापन सहायक श्रमायुक्त एस.पी. सिंह ने स्वयं लिया और प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि ज्ञापन पर उचित एवं नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सीटू नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि अवैध रूप से निकाले गए छह श्रमिकों को तत्काल बहाल नहीं किया गया, निलंबित महामंत्री को बहाल कर पात्र श्रमिकों का स्थायीकरण नहीं किया गया और बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रबंधन और श्रम प्रशासन की होगी।







