जिस सहारा शहर पर किसी समय सुब्रत राय का दरबार लगा करता था वहां पर अब उत्तर प्रदेश की सियासत होगी। भले ही सुब्रत राय ने इस सहारा शहर में नेता नगरी से लेकर खेल हस्तियों और बॉलीवुड के तमाम अभिनेताओं और अभिनेत्रियों को घुमाया हो पर अब यहां पर उत्तर प्रदेश के सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच संवाद होगा। प्रदेश के विकास की बातें होंगी। जी हां सहारा शहर पर अब उत्तर प्रदेश के विधानसभा भवन बनेगा।
दरअसल लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित विधानसभा भवन कुछ दिन बाद सत्ता का केंद्र नहीं रहेगा। यह बड़े गोल गुंबद वाली इमारत तो अपने स्थान पर बरकरार रहेगी, लेकिन इसमें विधानसभा नहीं रहेगी। उत्तर प्रदेश को नया विधानसभा भवन सहारा शहर की जगह में बनेगा। यह भवन लखनऊ के गोमती नगर में स्थित सहारा शहर की जमीन पर बनेगा। इसकी डिजाइनिंग के लिए टेंडर जारी होने के साथ नए विधानसभा भवन के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
कंसल्टेंट एवं आर्किटेक्ट चयन के लिए टेंडर जारी
उत्तर प्रदेश के नए विधानसभा भवन के निर्माण की चर्चा लंबे समय से चल रही थी। शुक्रवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने विधान भवन कॉम्प्लेक्स की डिजाइन और प्लानिंग के लिए कंसल्टेंट एवं आर्किटेक्ट चयन के लिए टेंडर जारी कर दिया। प्राधिकरण की ओर से जारी आरएफपी के मुताबिक कंपनियां 23 मई से 21 जून तक आवेदन कर सकेंगी। कंसल्टेंट के चयन के बाद डीपीआर तैयार की जाएगी। विधानसभा भवन के लिए प्लानिंग होगी और इसकी डिजाइन तैयार की जाएगी। इसके आधार पर परियोजना की लागत और निर्माण की अवधि तय की जाएगी। यह काम पूरा होने के बाद नए विधानसभा भवन कॉम्पलेक्स का निर्माण शुरू होगा।
हजरतगंज का भवन 98 साल पुराना
लखनऊ में मौजूदा विधानसभा भवन 98 साल पहले बना था। इसका 21 फरवरी 1928 को उद्घाटन हुआ था। यह भवन देश की आजादी से पहले और आजादी के बाद की उत्तर प्रदेश की सत्ता का साक्षी रहा है। इसने बरसों बरस कांग्रेस का राज देखा और उसके बाद गठबंधन की राजनीति में बदलते सत्ता के समीकरणों का भी साक्षी रहा। यूपी का नया भवन बनने में कम से कम दो साल तो लगेगीं ही, इसलिए यह तय माना जाना चाहिए कि हजरतगंज का विधानसभा भवन अपने 100 साल पूरे करने के बाद ही रिटायर होगा।
भव्य और आधुनिक कॉम्पलेक्स का होगा निर्माण
उत्तर प्रदेश का नया विधानसभा भवन गोमतीनगर में सहारा शहर में बनेगा। बताया जाता है कि नया विधानसभा भवन कॉम्पलेक्स कुछ वैसा ही बनेगा जैसे दिल्ली में नए संसद भवन परिसर में सेंट्रल विस्टा का निर्माण किया गया है। नया विधानसभा भवन भव्य और अत्याधुनिक होगा। इस निर्माण परियोजना पर 100 करोड़ रुपये से अधिक राशि व्यय होने का अनुमान है।
तकनीकी सहयोग के लिए समझौता
लखनऊ विकास प्राधिकरण ने नए विधानसभा भवन के निर्माण के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इसके प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। कंसल्टेंट व आर्किटेक्ट के चयन के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। इस निर्माण के लिए स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के साथ तकनीकी सहयोग के लिए समझौता भी किया गया है।
बताया जाता है कि नया विधानसभा भवन परिसर गोमती नगर के विपुल खंड में 245 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। इस इलाके को सहारा शहर कहा जाता है। यह जमीन पहले सुब्रत राय के सहारा इंडिया ग्रुप को लीज पर दी गई थी। अब यह भूमि वापस सरकार के पास आ चुकी है।
सहारा इंडिया ग्रुप की लीज रद्द
इस 245 एकड़ जमीन में से 170 एकड़ जमीन नगर निगम की और 75 एकड़ एलडीए की है। यह पहले जमीन लखनऊ नगर निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण की ही थी। यह भूमि सन 1994 में सहारा इंडिया ग्रुप को डेवलपमेंट के उद्देश्य से लीज पर दी गई थी। हालांकि लीज की निर्धारित शर्तें पूरी न करने और कथित रूप से जमीन का दुरुपयोग करने पर नगर निगम ने 9 अक्टूबर 2025 को इसकी लीज रद्द कर दी थी।
नया विधानसभा भवन क्यों जरूरी?
उत्तर प्रदेश में फिलहाल विधानसभा की 403 सीटें हैं। महिलाओं को आरक्षण और जनसंख्या के नए आंकड़े आने के बाद विधानसभा सीटों का नया परिसीमन होगा। इसके साथ विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ना तय है। विधानसभा का मौजूदा भवन पुराना तो है ही, भविष्य में विधायकों की संख्या बढ़ने पर यह अपर्याप्त भी होगा। यही कारण है कि अधिक बैठक क्षमता वाले नए विधानसभा भवन की जरूरत महसूस की जा रही है।
लखनऊ में बनने वाले नए विधानसभा भवन परिसर में विधानसभा भवन, विधान परिषद भवन होंगे। इसके साथ मुख्यमंत्री सहित कैबिनेट सदस्यों और विधायकों के चैंबर भी होंगे। सचिवालय दफ्तर भी यहीं होंगे। मुख्यमंत्री आवास भी इसी परिसर में बनाया जाएगा।







