संयुक्त राष्ट्रीय मोर्चा ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार ने जंतर मंतर पर किया धरना-प्रदर्शन 

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजा गया ज्ञापन 

पैसा न मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन : मदन लाल आज़ाद

चरण सिंह राजपूत
नई दिल्ली। सहारा इंडिया, पर्ल्स, बाइकबोट, हैलोटैक्सी, टॉपराइट, राधामाधव जैसी ठगी करने वाले कंपनियों के खिलाफ मोर्चा खोला जा चुका है। संयुक्त राष्ट्रीय मोर्चा ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार इन जैसी कंपनियों के खिलाफ सड़क पर उतर चुका है।  31 जनवरी से संसद सत्याग्रह  करने वाले मोर्चे ने सोमवार को जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन किया। इस अवसर  मांगों से  संबंधित ज्ञापन राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को सौंपा गया।
संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता मदन लाल आजाद ने धरने को सम्बोधित करते कहा कि देश में हर तीसरा व्यक्ति किसी न किसी कंपनी की ठगी का शिकार है। उन्होंने कहा कि देश के करीब 20  करोड़ परिवारों को हजारों कंपनीज, कॉपरेटिव सोसायटीज एवं वित्तीय संस्थानों ने बारी-बारी से अनियमित जमा योजनाएं चलाकर ठग लिया है, जिनकी मेहनत की कमाई को यह ठग कंपनीज, कॉपरेटिव सोसायटीज व वित्तीय संस्थान विधिसम्मत तरीकों से वापस नहीं कर रहे हैं।
,मदन लाल आजाद का कहना है कि सेबी एक्ट 1992, कॉपरेटिव सोसायटी एक्ट 2002, लॉ कंपनी एक्ट 2013, चिटफंड 2019 और अनियमित जमा योजनाएं पाबंद कानून 2019  का उल्लंघन करते हुए सहारा इंडिया, पर्ल्स, बाइकबोट, हैलोटैक्सी, टाइपराइड, राधा माधव, ब्ल्यूफॉक्स, साइन सिटी, फ्यूचर मेकर, कैची पिक्सल, स्ट्रीट हाक्स, कर्मभूमि, कल्पतरू, सारईं प्रसाद, हीरा गोल्ड, पिनकोन, रामेल, प्रयाग, हैलोराड, गो वे, गो बाइक, एनएनएम, एवरग्रीन, विश्वास ट्रेडिंग,  कार सर्विस यात्रा, ग्लोबल स्टार, किसान एग्रो, विश्वामित्र जैसी हजारों कंपनियों ने करोड़ों नागरिकों को बारी-बारी से अपनी ठग स्कीम्स में फंसाकर ठगा है। मदन लाल आज़ाद ने कहा कि इसी तरह आदर्श, संजीवनी, नवजीवन, सहारा, सर्वोदय, समृद्ध जीवन, लोकहित, जेकेवी, अल्पेश्वर, खेतेश्वरल, कामधेनु जैसी हजारों मल्टीस्टेट कॉपरेटिव सोसायटियों ने करोड़ों नागरिकों को अपनी ठगी का शिकार बनाया।
उन्होंने कहा कि सहारा इंडिया और पर्ल्स के मामलों में तो पहले सेबी ने वर्ष 2012  में निवेशकों जमाकर्ताओं के धन का भुगतातन करने का आदेश दिया था, जिसे कालांतर में ठग कम्पनीज ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी तो वर्ष 2016  में दोनोें ही मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने भी दोनों कंपनीज को पीड़ितों की जमा राशि 15  फीसदी ब्याज समेत 6  माह में वापस करने का आदेश दिया। आज 5  वर्ष हो गये सुप्रीम कोर्ट के आदेश को किन्तु दोनों कंपनियों ने जमाकर्ता परिवारों का भुगतान नहीं किया, जिस वजह से हजारों पीड़ितों ने आत्महत्या कर ली  है। सहारा इंडिया के मालिकान ने तो सुप्रीम कोर्ट सेबी को गुमराह करते हुए झूठा शपथ पत्र देकर 2016  में पैरोल ली और जेल से बाहर आकर आज तक किसी का कोई भुगतान नहीं किया, जो सेबी एक्ट और सुप्रीम कोर्ट केा आदेशों का खुला उल्लंघन एवं अवमानना है।
उन्होने कहा कि हमारे राष्ट्रपति महोदय ने 21 फरवरी 2019  को एक अध्यादेश के माध्यम से अनियमित जमा योजनाएं पाबंदी कानून लागू किया, जिसमें समस्त ठगी पीड़ित जमाकताओं को धन की वापसी के लिए भारत संघ एवं राज्यों को जिम्मेदार बनाकर 180 कार्यदिवस में ट्रायल कम्प्लीट कर पुनर्भुगतान की व्यवस्था की, 30  जुलाई 2019  को संसद ने सर्वसम्मति से अनियमित जमा योजनाएं पाबंदी कानून 2019 पारित करके केंद्र ने इसे कानून के रूप में नोटिफाइड किया, किन्तु किसी भी राज्य एवं संघ सरकार ने इसे लागू नहीं किया और न ही किसी जमाकर्ता का भुगतान इस एक्ट के तहत किया गया, जो संसद राष्ट्रपति एवं कानून का अपमान एवं उल्लंघन है।
मदन लाल आजाद ने कहा कि २० करोड़ ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवारों ने हमारे दो लाख से ज्यादा सैनिक, करेाड़ों रिटायर्ड कर्मचारी अधिकारी, करेाड़ों किसान, मजदूर, प्रोफेशनल, एडवोकेट, पत्रकार, जज, अफसर, वैज्ञानिक तक सम्मिलित हैं।
बाइक बोट हैलोटैक्सी टॉपराइड ठगी मामलों का शिकार बनकर लगभग 1200  सैनिक आत्महत्या कर चुके हैं। दर्जनों विवाद भुगतान के लिए सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, दर्जनों मामलों में सुप्रीम कोर्ट भुगतान का आदेश सेबी, एसएफआईओ व राज्य अन्य एजेंसियों को दे चुका है। फिर भी जब भुगतान प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो ऑल इंडिया बाइकबोट टैक्सी यूनियन ने सैकड़ों ज्ञापन पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री, कंपनी कार्यमंत्री, गृहमंत्री, कानून मंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्री व अन्य जिम्मेदार एजेंसियों को दिये। उसके पश्चात राज्य एवं संघीय सरकार ने भुगतान नहीं किया। भारत सरकार एवं राज्यों को कानून के प्रति संवेदनशील बनाने, कानून, राष्ट्रपति, संसद और न्यायालय के आदेशों का पालन करवाने के लिए तमाम ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवारों के प्रतिनिधियों ने संसद सत्याग्रह द्वारा भुगतान सुनिश्चित करवाने और जनचेतना पैदा करने के लिए संयुक्त राष्ट्रीय मार्चा ठगी पीड़ित परिवार नाम से एक सामाजिक संगठन का निर्माण किया । उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिल जाता। धरना प्रदर्शन में हरियाणा पानीपत से कृष्णपाल, विनोद कुमार, दिल्ली से अब्दुल शाहिद, राजकुमार, कन्हैया लाल ओटवाल, नरेश कुमार, गनपत कुमार सिंह, मनोज सिंह, अलाउद्दीन, ए.के. सिंह,  सर्वेश सिंह, फरीदाबाद से ओमप्रकाश, मीरा सिंह, मिथलेश दिल्ली, राधेश्याम सोनी, सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश, सुनील कुमार इंटावा, नेकराम शर्मा रूपसवास भरतपुर राजस्थान, पंकज पाठक खदावल, रूपवास राजस्थान, जसविंदर सिंह इटावा, राजेश कुमार वघेरा, रिजयुद्दरीन सिद्धार्थनगर, राम कृष्ण, शिव प्रकाश मिश्रा, अजय सोनी आदि मौजूद थे।

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