लखनऊ। अखिलेश यादव ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर तीन गुटों के होने का दावा किया कि बिना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिए। उन्होंने यह बयान बीजेपी की आंतरिक सियासत और गुटबाजी को लेकर दिया, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी में आपसी मतभेद और सत्ता की लड़ाई चल रही है। हालांकि, उन्होंने इन गुटों के नेताओं या उनकी विशिष्ट भूमिकाओं का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया।
यह दावा बीजेपी के प्रदर्शन और उत्तर प्रदेश में हाल के लोकसभा चुनावों में मिली हार के बाद आया, जहां समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस के गठबंधन ने 43 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA को 36 सीटें मिलीं। अखिलेश ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार और संगठन में अराजकता है, और यह गुटबाजी उनकी हार का एक कारण हो सकती है।
हालांकि, बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज किया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बीजेपी का संगठन और सरकार दोनों मजबूत हैं, और 2027 के विधानसभा चुनावों में पार्टी भारी बहुमत से जीतेगी। अखिलेश का यह बयान बीजेपी के भीतर कथित तनाव को उजागर करता है, खासकर योगी आदित्यनाथ और अन्य नेताओं के बीच, लेकिन ठोस सबूतों के अभाव में यह दावा अभी अनुमान पर आधारित है।








