मुगलकाल की सबसे अमीर शहजादी: जहांआरा बेगम

मुगल साम्राज्य के इतिहास में सबसे अमीर शहजादी का नाम जहांआरा बेगम था। वे मुगल बादशाह शाहजहां और मुमताज महल की सबसे बड़ी बेटी थीं, जिनका जन्म 23 मार्च 1614 को हुआ था। जहांआरा न सिर्फ अपनी अपार सुंदरता के लिए जानी जाती थीं, बल्कि वे एक कुशल प्रशासक, व्यापारी और दानवीर भी थीं। उन्होंने कभी शादी नहीं की और मुगल दरबार में ‘पदशाह बेगम’ का उच्च पद संभाला, जो मुगल महिलाओं के लिए सबसे प्रतिष्ठित खिताब था।

 

उनकी संपत्ति और ‘पॉकेट मनी’ का रहस्य

 

ऐतिहासिक आंकड़े: मात्र 14 साल की उम्र में जहांआरा को सालाना 6 लाख रुपये की पॉकेट मनी (वार्षिक भत्ता) मिलना शुरू हो गया था। यह राशि उस समय की अर्थव्यवस्था में बेहद विशाल थी। बाद में यह राशि बढ़कर 10 लाख रुपये सालाना हो गई, और उन्हें सूरत बंदरगाह से राजस्व, दिल्ली में भव्य महल तथा अन्य संपत्तियां भी प्राप्त हुईं।
आधुनिक मूल्य: आज के हिसाब से यह पॉकेट मनी हजारों करोड़ रुपये के बराबर आंकी जाती है। उदाहरण के लिए, उनकी वार्षिक आय को आधुनिक मुद्रा में 1.5 अरब रुपये (लगभग 1,500 करोड़) तक अनुमानित किया गया है। इतिहासकारों के अनुसार, उनके पास इतनी तरल नकदी थी जितनी किसी अन्य मुगल महिला के पास कभी नहीं रही।

वे अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा जनकल्याण पर खर्च करती थीं। उन्होंने दिल्ली और आगरा में कई मस्जिदें, सराय और सार्वजनिक स्थल बनवाए, जैसे चांदनी चौक का डिजाइन और मुल्ला शाह मस्जिद (श्रीनगर)। अपने भाई दारा शिकोह की शादी पर उन्होंने 15 लाख रुपये खर्च किए, जो उस समय एक आश्चर्यजनक राशि थी।

 

क्यों बनीं सबसे अमीर?

 

शाहजहां के राज्याभिषेक के समय (1628) जहांआरा को 1 लाख अशर्फियां (सोने के सिक्के), 4 लाख रुपये नकद और 2.5 मिलियन रुपये के गहने मिले। बाद में औरंगजेब के शासन में उनकी भत्ता 17 लाख रुपये सालाना हो गई। वे व्यापारिक केंद्रों में निवेश करती थीं और वक्फ (धार्मिक संपत्ति) के माध्यम से आय उत्पन्न करती थीं। इतिहास में उन्हें ‘दुनिया की सबसे अमीर महिला’ भी कहा गया। अंत में, जहांआरा ने 1681 में दिल्ली में अंतिम सांस ली, लेकिन उनकी विरासत आज भी मुगल वास्तुकला और उदारता में जीवित है। यह कहानी बताती है कि मुगल महिलाएं सिर्फ पर्दे के पीछे नहीं, बल्कि साम्राज्य की रीढ़ थीं।

  • Related Posts

    बड़े धोखे हैं इस राह में! सरकारी नौकरी लगते ही ‘बेवफा’ हो गई पत्नी 

    यूपी की अधिकारी ज्योति मौर्य के केस से…

    Continue reading
    अति की क्षति निश्चित है

    जीवन का सबसे बड़ा सत्य यही है कि…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सीटू ने की रसोई गैस की कीमत बढ़ाने की निंदा

    • By TN15
    • June 7, 2026
    सीटू ने की रसोई गैस की कीमत बढ़ाने की निंदा

    ‘बस बहुत हो गया अब हम अपनी मस्जिदों पर…’ संभल में बुलडोजर एक्शन पर भड़के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क

    • By TN15
    • June 7, 2026
    ‘बस बहुत हो गया अब हम अपनी मस्जिदों पर…’ संभल में बुलडोजर एक्शन पर भड़के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क

    LPG Price Hike : तीन महीने में दूसरी बार महंगा हुआ घरेलू गैस सिलेंडर, 29 रुपए और बढाए

    • By TN15
    • June 7, 2026
    LPG Price Hike : तीन महीने में दूसरी बार महंगा हुआ घरेलू गैस सिलेंडर, 29 रुपए और बढाए

    JDU नेता संजय झा का बड़ा दावा, ‘ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल के कारण टूटा इंडिया गठबंधन’

    • By TN15
    • June 7, 2026
    JDU नेता संजय झा का बड़ा दावा, ‘ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल के कारण टूटा इंडिया गठबंधन’

     आलोक सिंह बने आरएलएम के प्रदेश अध्यक्ष,  प्रशांत पंकज और सुभाष चंद्रवंशी बने कार्यकारी अध्यक्ष 

    • By TN15
    • June 7, 2026
     आलोक सिंह बने आरएलएम के प्रदेश अध्यक्ष,  प्रशांत पंकज और सुभाष चंद्रवंशी बने कार्यकारी अध्यक्ष 

    अंतरराष्ट्रीय विश्व पर्यावरण दिवस व बाल दिवस पर जनवादी महिला समिति ने किया पौधरोपण, बच्चों में बांटी पर्यावरण की समझ

    • By TN15
    • June 7, 2026
    अंतरराष्ट्रीय विश्व पर्यावरण दिवस व बाल दिवस पर जनवादी महिला समिति ने किया पौधरोपण, बच्चों में बांटी पर्यावरण की समझ