हिमाचल प्रदेश में हाल में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव हुए। हमने इस चुनाव में दखल दिया। पुरे दो महीने सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संवाद किया।
विषय:
” हरी भरी, साफ सुथरी यानी स्वच्छ हवा पानी मिट्टी, खुशहाल, शिक्षित, सुरक्षित, भ्रष्टाचार और ड्रग मुक्त पंचायत”
हमने शहीदे आजम भगत सिंह की शहादत का उल्लेख किया कि उन्होंने कैसा बढ़िया हिन्दोस्तान बनाने का सपना संजोया।
“क्या हम हमारी आजादी की लड़ाई के रणबांकुरों के सपनों का देश बना पाए।”
हमने एक हजार पर्चे छपवाए और व्यक्तिगत 4 से 5 हजार लोगों से संवाद किया। उन्हें इस पर्चे को आगे 10 लोगों को जरूर पढ़ाने की दुर्ख़ास्त भी की।
किसी से कोई जवाब नहीं मिला। सारे मुंह छुपाते नजर आए।
हम खुद महात्मा गांधी विचार को मानते हैं जीवन में उतारने का अभ्यास में हैं। बचपन से शहीदे आजम भगत सिंह का अनुसरण किया है। विवेकानंद कबीर बुद्ध नानक रविदास टैगोर प्लूटो सुकरात अरविंदो जैसों से प्रभावित हो कर जीवन को जीया है भोगा है और लोकतंत्र का खूब आनंद भी लिया हैं। हम कहते रहे हैं कि हमारा फर्ज है कि जैसा लोकतंत्र हमने पाया है इससे बेहतर लोकतंत्र आने वाली पीढ़ियों को सौंपना हमारा दायत्व है।
हमने कहा कि हम आजादी के रणबांकुरों और मानवता का उदार करने वाले महान आत्माओं के दिव्य चक्षुओं से इस सारे तांडव को देख रहे हैं। मनुष्य धर्म के नाम पर बहुत जुल्म ढा रहे हैं सत्ता खुद जुल्म कर रही है तमाशा बनाया हुआ है। न धर्म और न संविधान कानून का पालन हो रहा है। सभी तो नहीं पर ज्यादातर तमाशबीन बने हुए हैं। कलयुग प्रभाव का बहाना है। पर खुद इस लूट का हिस्सा बने हुए।
“इस धरती पर सभी की मूलभूत आवश्यकताओं को पर्याप्त संसाधन हैं पर लालच को पूरा नहीं किया जा सकता”
“लोकतंत्र से बेहतर शासन व्यवस्था नहीं है पर हमें लोकतंत्र को आत्मसात करना है खुद से शुरुआत करनी है”
आओ सभी लोकतंत्र के लिए तन मन धन विद्या हुनर के समर्पण भाव से जुट जाएं। यदि भारत सर्वोच्च है तो इसे सर्वोच्च बनाने में अपना योगदान दें।
जय हिंद जय संविधान जय लोकतंत्र
विषय:
” हरी भरी, साफ सुथरी यानी स्वच्छ हवा पानी मिट्टी, खुशहाल, शिक्षित, सुरक्षित, भ्रष्टाचार और ड्रग मुक्त पंचायत”
हमने शहीदे आजम भगत सिंह की शहादत का उल्लेख किया कि उन्होंने कैसा बढ़िया हिन्दोस्तान बनाने का सपना संजोया।
“क्या हम हमारी आजादी की लड़ाई के रणबांकुरों के सपनों का देश बना पाए।”
हमने एक हजार पर्चे छपवाए और व्यक्तिगत 4 से 5 हजार लोगों से संवाद किया। उन्हें इस पर्चे को आगे 10 लोगों को जरूर पढ़ाने की दुर्ख़ास्त भी की।
किसी से कोई जवाब नहीं मिला। सारे मुंह छुपाते नजर आए।
हम खुद महात्मा गांधी विचार को मानते हैं जीवन में उतारने का अभ्यास में हैं। बचपन से शहीदे आजम भगत सिंह का अनुसरण किया है। विवेकानंद कबीर बुद्ध नानक रविदास टैगोर प्लूटो सुकरात अरविंदो जैसों से प्रभावित हो कर जीवन को जीया है भोगा है और लोकतंत्र का खूब आनंद भी लिया हैं। हम कहते रहे हैं कि हमारा फर्ज है कि जैसा लोकतंत्र हमने पाया है इससे बेहतर लोकतंत्र आने वाली पीढ़ियों को सौंपना हमारा दायत्व है।
हमने कहा कि हम आजादी के रणबांकुरों और मानवता का उदार करने वाले महान आत्माओं के दिव्य चक्षुओं से इस सारे तांडव को देख रहे हैं। मनुष्य धर्म के नाम पर बहुत जुल्म ढा रहे हैं सत्ता खुद जुल्म कर रही है तमाशा बनाया हुआ है। न धर्म और न संविधान कानून का पालन हो रहा है। सभी तो नहीं पर ज्यादातर तमाशबीन बने हुए हैं। कलयुग प्रभाव का बहाना है। पर खुद इस लूट का हिस्सा बने हुए।
“इस धरती पर सभी की मूलभूत आवश्यकताओं को पर्याप्त संसाधन हैं पर लालच को पूरा नहीं किया जा सकता”
“लोकतंत्र से बेहतर शासन व्यवस्था नहीं है पर हमें लोकतंत्र को आत्मसात करना है खुद से शुरुआत करनी है”
आओ सभी लोकतंत्र के लिए तन मन धन विद्या हुनर के समर्पण भाव से जुट जाएं। यदि भारत सर्वोच्च है तो इसे सर्वोच्च बनाने में अपना योगदान दें।
जय हिंद जय संविधान जय लोकतंत्र
डॉ. अशोक कुमार सोमल
स्वराज सत्याग्रही व पर्यावरण एवं लोकतंत्र प्रेमी
लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान
स्वराज सत्याग्रही व पर्यावरण एवं लोकतंत्र प्रेमी
लोकतांत्रिक राष्ट्रनिर्माण अभियान








