सहारनपुर में समाजवादी पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी अब खुली जंग पर उतर आई है। सपा की राष्ट्रीय महासचिव रूही अंजुम और आशु मलिक समर्थक नौशाद मलिक के बीच सोशल मीडिया पर तीखे बयानों की अदावत तेज हो गई है। यह विवाद लखनऊ चक्कर, टिकट वितरण और आगामी 2027 चुनावों के इर्द-गिर्द घूम रहा है।
रूही अंजुम का व्यंग्य: टिकट काटकर ऑफिस में क्लर्की का सुझाव
रूही अंजुम ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा, “जो विधायक या पदाधिकारी पार्टी कार्यालय लखनऊ के चक्कर ज्यादा लगाते मा. अखिलेश यादव जी से निवेदन है उनकी टिकट काट पद छीन पार्टी ऑफिस में ही उन्हें लिखा पढ़ी और साफ सफाई बागवानी का काम दे उनके जीवन को धन्य करे।” यह बयान आशु मलिक जैसे नेताओं पर सीधा निशाना साधता नजर आता है, जो अखिलेश के करीबी माने जाते हैं।
नौशाद मलिक का कटाक्ष: आलोचकों को “नचनिया” और “टुच्ची सोच” वाला ठहराया
आशु मलिक के वफादार कटटर समर्थक नौशाद मलिक ने तुरंत पलटवार किया। उन्होंने लिखा, “कुछ नचनिया टुच्ची सोच रखने वाले लोग भी विधायक आशु मलिक के खिलाफ लिख लिखकर फेमस होना चाहते हैं।” इस जवाब से विवाद व्यक्तिगत हो गया, जहां आलोचकों को फेमस होने की होड़ में लगा हुआ बताया गया।
आंतरिक कलह का विस्तार
यह टकराव सपा के सहारनपुर देहात विधानसभा क्षेत्र में आशु मलिक की मजबूत स्थिति को चुनौती देने की कोशिश का हिस्सा लगता है। स्थानीय नेतृत्व और टिकट वितरण पर बढ़ते असंतोष ने गुटबाजी को नई ऊंचाई दे दी है।
चुनावी असर और पार्टी एकता पर खतरा
2027 चुनावों से पहले यह कलह सपा को कमजोर कर सकता है। सहारनपुर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में गुटबाजी से भाजपा को लाभ मिलने का खतरा है। अखिलेश यादव को अब हस्तक्षेप कर इस जंग को शांत करना होगा, वरना स्थानीय स्तर पर पार्टी की पकड़ ढीली पड़ सकती है।
सोशल मीडिया का वायरल प्रभाव
दोनों बयानों ने सोशल मीडिया पर आग पकड़ ली है। समर्थक वीडियो, मीम्स और कमेंट्स के जरिए एक-दूसरे पर हमबाजी कर रहे हैं। यह ऑनलाइन जंग अब ऑफलाइन सियासी रणनीतियों को प्रभावित करने लगी है।








