राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच कर्नाटक के बेलगाम में आरएसएस की प्रांत प्रचारक बैठक होने जा रही है। ये बैठक 10 से 12 जुलाई तक होगी. इस बैठक में संघ के देश भर के प्रांत प्रचारक शामिल होंगे। संघ की दृष्टि से देशभर में 46 प्रांत हैं। बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले समेत कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल होंगे। आरएसएस की सालाना प्रांत प्रचारक बैठक कर्नाटक के बेलगाम में होने जा रही है। इस बैठक में देशभर के संघ के प्रांत प्रचारक शामिल होंगे। इस बैठक में सभी प्रांत प्रचारक अपने अपने क्षेत्रों में चल रहे संघ कार्यों की जानकारी देंगे और शताब्दी वर्ष में किस तरह से संघ की शाखाओं में बढ़ोत्तरी हुई और कितने अन्य तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया इसको लेकर जानकारी दी जाएगी।
संगठन में बदलाव
ये बैठक कई मामलों में महत्वपूर्ण होने वाली है। एक तो कांग्रेस नेता और कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे लगातार संघ के ऊपर सवाल उठाते रहते हैं और संघ के रजिस्ट्रेशन की बात करते हैं तो ऐसे में कर्नाटक में होने वाली ये बैठक अपने आप महत्वपूर्ण हो जाती है और कई राजनीतिक संदेश भी देती है। इसके अलावा अगले साल संघ के स्ट्रक्चर में भी बदलाव होना है, प्रांत प्रचारकों का पद समाप्त होकर संभाग प्रचारक और राज्य प्रचारक बनाये जाने का प्रस्ताव है। अगले साल मार्च में अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में इसको लेकर घोषणा हो सकती है तो ऐसे में ये संभव है कि प्रांत प्रचारकों की ये आखिरी बैठक हो अगले साल से इस बैठक का नाम बदल जाए।
बड़े मुद्दों पर मंथन
इसके अलावा इस समय देशभर में दो बहुत बड़े राजनीतिक मुद्दे चल रहे है. पहला मुद्दा पेपर लीक का क्योंकि ये युवाओं को प्रभावित करता है और कहीं न कहीं सीधे तौर पर युवाओं में इसको लेकर नाराजगी भी है। दूसरा मुद्दा है राम मंदिर चढ़ावा चोरी का. इस पूरे मामले के सामने आने के बाद संघ और बीजेपी के सबसे बड़े सांस्कृतिक मुद्दे पर ही संगठनों को बैकफुट पर आना पड़ रहा है। यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस मुद्दे के सामने आने से बीजेपी भी लगातार परेशान दिख रही है क्योंकि बहुत बड़ा मुद्दा बीजेपी के खिलाफ जाता दिख रहा है. ऐसे में ये कयास भी लगाए जा रहे हैं इन दोनों ही मुद्दों पर भी इस बैठक में चर्चा हो क्योंकि दोनों ही मुद्दे सीधे तौर पर सरकार और संघ की छवि पर असर डाल रहे है।








