रानीगंज में गंधर्व कला संगम द्वारा आयोजित रॉबिन नजरुल सांस्कृतिक संध्या

 अनुप जोशी

रानीगंज – गंधर्व कला संगम की ओर से मथुरा चांदी नारायणपुरी में गुरुवार शाम को रॉबिन नजरुल सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। संस्था के संस्थापक सरस्वती चटर्जी ने बताया कि पिछले 32 वर्षों से इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य कारण कवि गुरु रविंद्र नाथ टैगोर और कवि नज़रुल इस्लाम का रानीगंज से जुड़ाव है।
भूतनाथ मंडल, नारायणकुरी मथुरा चंडी कमेटी के पूर्व सचिव, ने इस स्थल के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह स्थल रेलवे की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है। 3 फरवरी 1855 को भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी ने हावड़ा से रानीगंज के लिए पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, जिससे रानीगंज रेलवे स्टेशन का भारत के रेलवे मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान बन गया।
संयोजक सुशील गनेड़ीवाला ने स्वागत भाषण और प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस सांस्कृतिक संध्या का उद्देश्य इस ऐतिहासिक स्थल को प्रसिद्धि दिलाना और रानीगंज की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करना है।

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