आसनसोल के रक्तवीर शिवम भगत को अंतरराष्ट्रीय सम्मान

 संजीत मोदी

आसनसोल : रक्तदाता किसी देवदूत से कम नहीं होते, जो अपने बहुमूल्य रक्त को दान कर किसी को जीवन देते हैं। आसनसोल के गौरव, ‘रक्तवीर शिवम भगत’, को भारत के विभिन्न राज्यों में उत्कृष्ट सेवा कार्य के लिए सम्मानित किया जा रहा है। वर्तमान में देश रक्त की कमी से जूझ रहा है, और ऐसे में शिवम भगत जैसे युवाओं की अटूट देशभक्ति और सेवा भावना से हजारों लोगों को रक्तदान कर नया जीवन प्रदान किया जा रहा है।
शिवम भगत की सामाजिक संस्था, महादेव सेवा फाउंडेशन, को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र दुद्धी में प्रगति फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। यह सम्मान देश के रक्तवीरों को नि:स्वार्थ सेवा भाव के लिए दिया गया। इस कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों से कई रक्तवीर शामिल हुए।
सम्मान ग्रहण करते हुए महादेव सेवा फाउंडेशन के संस्थापक शिवम भगत ने बताया कि उनकी संस्था हमेशा जरूरतमंदों को नि:स्वार्थ भाव से सहयोग करती है। रोगी के परिवार के संपर्क करने पर उन्हें हर संभव मदद कर उनके चेहरे पर खुशी लाने का प्रयास किया जाता है। यह सम्मान आसनसोल वासियों और महादेव सेवा फाउंडेशन के सभी सदस्यों को समर्पित है।

  • Related Posts

    आखिर 38 मौतों के सौदागर का संरक्षक कौन है?

    सागर शराब त्रासदी मौतों के पीछे किसका संरक्षण,…

    Continue reading
    पंजाब सीएम के OSD के खिलाफ CBI जांच पर सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट, कब होगी सुनवाई?

    पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    लोकतंत्र बचाओ–देश बचाओ अभियान के तहत डीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

    लोकतंत्र बचाओ–देश बचाओ अभियान के तहत डीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

    10% विकसित प्लॉट के मुद्दे पर 21 अक्टूबर से यमुना प्राधिकरण पर किसान संघर्ष मोर्चा का महापड़ाव

    10% विकसित प्लॉट के मुद्दे पर 21 अक्टूबर से यमुना प्राधिकरण पर किसान संघर्ष मोर्चा का महापड़ाव

    विपक्षी सांसदों का अब राजघाट तक मार्च 

    विपक्षी सांसदों का अब राजघाट तक मार्च 

    नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुए सचिन तेंदुलकर, यूं दी अंतिम श्रद्धांजलि

    नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुए सचिन तेंदुलकर, यूं दी अंतिम श्रद्धांजलि

    गांव की मिट्टी में रमे थे नाना पाटेकर, जन्मभूमि से थी अंतिम विदाई की इच्छा! 

    गांव की मिट्टी में रमे थे नाना पाटेकर, जन्मभूमि से थी अंतिम विदाई की इच्छा! 

    अपने गांव से अंतिम विदाई चाहते थे नाना पाटेकर! 

    अपने गांव से अंतिम विदाई चाहते थे नाना पाटेकर!