आप के आरोप सही करा गए राघव चड्ढा, बीजेपी से मिलकर उठा रहे थे जनहित के मुद्दे
चरण सिंह
राघव चड्ढा ने जिस तरह से जनहित के मुद्दे उठाए थे उससे उनकी छवि निखरी थी। यदि वह बीजेपी ज्वाइन कर लेते हैं तो आप नेताओं का आरोप सही साबित हो जाएगा। मतलब राघव चड्ढा भी मनीष मिश्रा साबित होंगे। राघव चड्ढा को अपनी पार्टी बनाकर पंजाब चुनाव में संघर्ष करना चाहिए था। उनको सहानुभूति मिलती उनका कद बढ़ता है। बीजेपी में तो एक से बढ़कर के घाघ बैठे हैं। असम में हेमंता विश्व सरमा को छोड़ दिया जाये तो अधिकतर नेता जो दूसरी पार्टी से बीजेपी में गए वे दोयम दर्जे के बनकर रह गए। प बंगाल में देख लें दिल्ली में देख लें। उत्तर प्रदेश में देख लें। सभी नेता हाशिये पर हैं।
दरअसल राघव चड्ढा के साथ स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह समेत 7 सांसद BJP में शामिल होंगे। शुक्रवार को आम आदमी पार्टी को बहुत बड़ा झटका देते हुए राघव चड्ढा ने इसका ऐलान किया। राघव चड्ढा के साथ स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, विक्रम साहनी, राजेंद्र गुप्ता और हरभजन सिंह बीजेपी में शामिल होंगे। ये सभी राज्यसभा में आप के सांसद हैं। आप के पास राज्यसभा में कुल 10 सांसद हैं। यानी अब आप के दो तिहाई राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं।
दरअसल हाल ही में आप ने राघव चड्ढा को राज्य सभा में उप नेता पद से हटा दिया था। आप का आरोप था कि राघव चड्ढा प्रधानमंत्री पर आरोप लगाने से बच रहे हैं। जब आप नेताओं को जेल में डाला गया तो राघव चड्ढा गायब हो गए। यदि राघव चड्ढा बीजेपी ज्वाइन करते हैं तो यह माना जाएगा कि वह जो जनहित के मुद्दे उठा रहे थे वह अपनी छवि को चमकाने के लिए उठा रहे थे। उनकी बात बीजेपी से चल रही थी।
इस बात की चर्चा चल रही है कि बीजेपी राघव चड्ढा को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाएगी। कुछ लोग तो राघव चड्ढा को पंजाब का भावी मुख्यमंत्री भी मानने लगे हैं। देखने की बात यह है कि राघव चड्ढा के बीजेपी ज्वाइन करते हुए वह दूसरे मनीष मिश्रा साबित हो जाएंगे। भले ही पंजाब में बीजेपी के पास नेता न हों पर पार्टी छोड़कर वह पंजाब में कुछ कर नहीं पाएंगे।








