सुब्रत राय और पीएम मोदी में काफी समानताएं!

जैसी सहारा में सुब्रत राय के प्रति अंधभक्ति थी वैसी ही अंधभक्ति मोदी ने देश में अपने प्रति पैदा कराई

जैसे सहारा कर्मियों की सुब्रत रॉय के प्रति अंधभक्ति ने सहारा को डूबा दिया वैसे ही कहीं मोदी के प्रति लोगों की अंधभक्ति देश को न डूबा दे

सहारा कर्मियों और निवेशकों की तरह भारतीय भी जा रहे ठगे

चरण सिंह 

एक समय था कि सहारा ग्रुप में सुब्रत राय के प्रति इतनी अंधभक्ति थी कि उनके खिलाफ बोलना कर्मचारी और एजेंट बर्दाश्त नहीं कर पाते थे। यदि किसी ने सुब्रत राय के खिलाफ कुछ बोल दिया तो समझो हर कोई उसके खिलाफ। नौकरी जाने का डर अलग से। सुब्रत राय ने ऐसा मायाजाल बिछा रखा था कि लोगों ने अपनी संपत्ति बेच बेचकर सहारा में पैसा जमा कर दिया। नौकरी का जो पैसा मिला वह भी जमा कर दिया।

कोई समझाने की बात कर दे तो वह उसका सबसे बड़ा दुश्मन। जब कर्मचारियों और निवेशकों का पैसा फंस गया। कर्मचारियों की नौकरी गई तो खेल समझ में आया। सुब्रत राय ने एक सोची समझी रणनीति के तहत कर्मचारियों और निवेशकों दोनों को ही ठगा। मरने से पहले वह अपने परिवार को मेसोडोनिया शिफ्ट कर गए। सुब्रत राय की ही तरह एक रणनीति के तहत पीएम मोदी भी लोगों को ठग रहे हैं। जल्द ही मोदी का चेहरा भी बेनकाब होने वाला है। जो लोग मोदी भक्त हैं वे ही सबसे अधिक ठगे जाने वाले हैं।

ईरान-इजरायल युद्ध में भी मोदी जनता का बेवकूफ बना रहे हैं। खुद ही ईरान पर हुए हमले से एक दिन पहले इजरायल चले गए। युद्ध रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। कूटनीतिक प्रयास कहीं नहीं किये। अमेरिका के सामने घुटने तक दिए। अब जनता से कोरोना काल की टी तरह संकट का सामना करने की बात कर रहे हैं। शहरों में रह रहे गरीब लोग पलायन को मजबूर हैं पीएम मोदी हैं कि चुनाव में मस्त हैं।
दिल चप्स बात यह है कि भारत इस युद्ध में कहीं नहीं दिखाई दे रहा है पर देश की जनता को सफर सबसे अधिक करना पड़ रहा है। टुच्चा सा पाकिस्तान देश इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर के मध्यस्थता करने का दम्भ भर रहा पर विश्व गुरु बनने का दंभ भर रहे मोदी को कोई नहीं पूछ रहा है। उल्टा अमेरिका लगातार अपमानित अलग से कर रहा है। कभी टैरिफ लगाकर तो कभी रूस से तेल न खरीदने दबाव बनाकर और कभी पाकिस्तान से युद्ध के समय सीजफायर कराने का श्रेय लेकर।
यह मोदी का समर्पण है कि ट्रेड डील में अमेरिका के अपने किसानों के लिए भारत का कृषि बाजार खुलवाने की बात सामने आ रही है। हमारे मोदी हैं कि एक बच्चे की तरह अमेरिका के आदेशों का पालन कर रहे हैं। खुद ही देश पर संकट पैदा करते हैं और फिर जनता से संकट झेलने के लिए तैयार रहने की बात करते हैं। भक्त हैं कि अभी भी उनकी समझ में कुछ नहीं आ रहा है। उनको तो लग रहा है कि मोदी चुप रहकर देश को विश्व गुरु बनने की ओर ले जा रहा है।
जमीनी हकीकत तो यह है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद अमेरिका ने पाकिस्तान को भारत से ज्यादा तवज्जो दी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत कहीं नहीं दिखाई दे रहा है और पाकिस्तान है कि उसे अमेरिका भी पूछ रहा है और ईरान भी। चीन भी रूस भी। मोदी ने भारत को तमाशबीन की भूमिका में लाकर खड़ा कर दिया है। ये ही मोदी गुजरात का मुख्यमंत्री होते हुए यूपीए सरकार पर अमेरिका के दबाव में आने का आरोप लगाते थे। कहते थे 100 करोड़ जनता का देश आंसू बहाने वाशिंगटन जाएगा या फिर पाकिस्तान पर हमला करेगा। अब तो 150 करोड़ जनता एक देश है। डोनाल्ड ट्रम्प के सामने नतमस्तक क्यों हैं ?
दरअसल  2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनने के बाद से ही मोदी ने लोगों का बेवकूफ बनाना शुरू कर दिया था। उन्होंने लोगों से वादा था कि सरकार बनने के बाद वह हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देंगे। 2014 में मोदी पीएम बने और उनकी सरकार को 12 साल से अधिक हो हैं। मतलब 24 करोड़ युवाओं को नौकरी मिल जानी चाहिए थी। कितनी नौकरी मिली ? मोदी ने बोला था कि वह विदेश से इतना काला धन ले आएंगे कि प्रत्येक नागरिक के खाते में कम से कम 15 लाख रुपए आ जाएंगे। कितने लाख रुपए खाते में आए। किसानों का आय 2022 तक दोगुनी कर रहे थे। किसानों की कितनी आय बढ़ी ?
मोदी 100 स्मार्ट सिटी बना रहे थे। कितने स्मार्ट सिटी बने ? मोदी 100 स्मार्ट विलेज बना रहे थे। कितने स्मार्ट विलेज बने ? हर सांसद को एक-एक गांव गोद दिलवा रहे थे। कितने गांवों का विकास बीजेपी सांसदों ने कराया ?  पीएम मोदी ने विदेशी दौरे जनता की खून पसीने की कमाई से किए पर काम अपने मित्र अडानी के लिए किया। जनता का तो बस बेवकूफ ही बनाया। मोदी किसी भी देश में जाते भारतीय मूल के लोगों को इकठ्ठा कर उनके साथ मिलते और भाषण देकर चले आते। देश का गोदी मीडिया मोदी महिमामंडित में लग जाता।
टीवी चैनलों और उनके समर्थकों ने तो मोदी को विश्व गुरु बना ही दिया था पर हर मोर्चे पर मोदी विफल साबित हो रहे हैं। दिन रात गोदी मीडिया के ब्रांडिंग करने के बावजूद अब देश और विदेश दोनों जगह मोदी एक्सपोज हो रहे हैं। मीडिया और जनता को फेस करने का नैतिक साहस मोदी ने नहीं रहा है। दिन भर में करोड़ों रुपए अपने ऊपर खर्च कर अब भी बड़ी बेशर्मी के साथ गरीबी का चोला ओढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। असम चुनाव में पहुंच गए चाय बागानों में और कहने लगे कि वह चाय बेचने वाले हैं। मोदी घोषणा करें कि देश जितना खर्च उन पर कर रहा है उतना ही हर चाय बेचने वाले पर करे। यदि वह गरीब हैं तो उनके जैसा गरीब हर भारतीय को बना दें।
  • Related Posts

    ‘गलत करूं तो जूते मारें’, मंत्री भरत सिंह चौधरी के बयान का वायरल
    • TN15TN15
    • August 27, 2026

    उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी का…

    Continue reading
    अखिलेश यादव पत्नी डिंपल को बनाएंगे CM? कुछ ऐसा बोल गए सपा चीफ
    • TN15TN15
    • August 26, 2026

    सपा चीफ अखिलेश यादव ने PDA का एक…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

     ए मेरे प्यारे बामन ..

    • By TN15
    • August 29, 2026
     ए मेरे प्यारे बामन ..

    नेपाल में ग्लेशियर झील फटने से आई बाढ़, भारत की बढ़ी टेंशन – हिमालय में 200 झीलों से खतरा

    • By TN15
    • August 29, 2026
    नेपाल में ग्लेशियर झील फटने से आई बाढ़, भारत की बढ़ी टेंशन – हिमालय में 200 झीलों से खतरा

    भारत में हिरासत में मौतें: कारण, परिस्थितियाँ और पुलिस तथा जेल सुधार की अनिवार्यता

    • By TN15
    • August 29, 2026
    भारत में हिरासत में मौतें: कारण, परिस्थितियाँ और पुलिस तथा जेल सुधार की अनिवार्यता

    मेरी बड़ी बहन …

    • By TN15
    • August 28, 2026
    मेरी बड़ी बहन …

    सत्ता से बेदखल न हुए मोदी और अमित शाह तो देश को बचाना भी हो जाएगा मुश्किल!

    • By TN15
    • August 28, 2026
    सत्ता से बेदखल न हुए मोदी और अमित शाह तो देश को बचाना भी हो जाएगा मुश्किल!

    अफरीदी ने आमिर को लगाया थप्पड़, ऐसे हुआ था पाकिस्तान के स्पॉट फिक्सिंग कांड का खुलासा

    • By TN15
    • August 28, 2026
    अफरीदी ने आमिर को लगाया थप्पड़, ऐसे हुआ था पाकिस्तान के स्पॉट फिक्सिंग कांड का खुलासा