पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के ठीक पहले, राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने 10 नवंबर 2025 को पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने एनडीए (बीजेपी-जेडीयू) सरकार पर तीखे प्रहार किए और दावा किया कि बिहार की जनता बदलाव लाएगी। तेजस्वी ने कहा, “इस बार बिहार के लोग इतिहास रचने जा रहे हैं। अब नौकरी वाली सरकार आने वाली है। बिहार को गरीबी, पलायन और बेरोजगारी से मुक्ति दिलाने के लिए जनता बदलाव के मूड में है।”
दरअसल तेजस्वी यादव के प्रमुख बयान/वादेबदलाव और इतिहास रचना”हमने इस चुनाव में 171 रैलियां और जनसभाएं कीं। हर जगह जनता का मूड साफ दिखा – लोग बदलाव चाहते हैं। चाहे किसी जात या धर्म के हों, सबकी आवाज एक है: इस बार बदलाव जरूरी है।” पहले चरण के मतदान को बदलाव का संकेत बताया।
नौकरी और विकास के वादे”14 नवंबर के बाद बिहार नंबर वन राज्य बनेगा। हर परिवार में नौकरी, फूड प्रोसेसिंग प्लांट, उद्योग, IT हब, सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल और एजुकेशनल सिटी बनेगी। किसी बिहारी को बाहर पलायन नहीं करना पड़ेगा।” बेरोजगार युवाओं को ₹30,000 की सहायता राशि (कर्ज नहीं) देने का ऐलान।एनडीए सरकार पर हमला”20 साल की डबल इंजन सरकार ने बिहार को पीछे धकेला। गरीबी, बेरोजगारी और पलायन बढ़ा, कोई फैक्ट्री या उद्योग नहीं लगा। अमित शाह बिहार को उपनिवेश बनाना चाहते हैं, लेकिन बिहारी ऐसा होने नहीं देंगे।” पीएम मोदी पर अपराधियों (जैसे सृजन घोटाले के आरोपी विपिन सिंह) के साथ मंच साझा करने का आरोप।चुनाव आयोग पर आरोप”चुनाव आयोग आंकड़े क्यों छिपा रहा? पुरुष-महिला वोटर डेटा चार दिन बाद भी नहीं दिया। 68% ऑब्जर्वर और 208 अर्धसैनिक कंपनियां बीजेपी शासित राज्यों से। गृहमंत्री अमित शाह अधिकारियों को धमकी दे रहे, स्ट्रॉन्ग रूम के CCTV बंद करा रहे।” ईमानदार अधिकारियों से अपील की कि दबाव न झुकें।भाजपा की रणनीति पर”भाजपा धन, बल और छल से जीतना चाहती है। मोदी-शाह की भाषा नकारात्मक, कोई विजन या रोडमैप नहीं। वे वेब सीरीज देखकर भाषण लिखते हैं। बिहार को बदनाम कर गुजरात की तारीफ करते हैं।”
संदर्भ और पृष्ठभूमि
चुनाव की स्थिति: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान 7 नवंबर को हुआ, जिसमें 58% से अधिक वोटिंग हुई। दूसरा चरण 14 नवंबर को है। महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस-वामपंथी) ‘हर घर नौकरी, हर जिले में कारखाना’ का नारा दे रहा है, जबकि एनडीए विकास और स्थिरता पर जोर दे रहा।
तेजस्वी की रणनीति: 171 रैलियों में उन्होंने युवाओं, महिलाओं और पलायन रोकने पर फोकस किया। उनके जन्मदिन (9 नवंबर) पर भी समर्थकों ने भारी भीड़ जुटाई। एनडीए का जवाब: बीजेपी ने तेजस्वी के आरोपों को खारिज किया, कहा कि विकास के आंकड़े झूठे हैं और महागठबंधन जातिवाद फैला रहा।
तेजस्वी की रणनीति: 171 रैलियों में उन्होंने युवाओं, महिलाओं और पलायन रोकने पर फोकस किया। उनके जन्मदिन (9 नवंबर) पर भी समर्थकों ने भारी भीड़ जुटाई। एनडीए का जवाब: बीजेपी ने तेजस्वी के आरोपों को खारिज किया, कहा कि विकास के आंकड़े झूठे हैं और महागठबंधन जातिवाद फैला रहा।








