बिहार के राजनीतिक दलों के लिए नोटा एक बड़ी चुनौती

राम नरेश
पटना। नोटा के बढ़ते प्रचलन से कई सीटों पर असर पड़ने लगा है। इसके कारण राजनीतिक दलों के लिए चुनौती बढ़ती जा रही है।बिहार की 13 सीटों परनोटा तीसरे स्थान पर रहा था। यदि यह वोट किसी उम्मीदवार के पक्ष में डाला गया होता तो रिजल्ट कुछ और हो सकता था।बिहार में 2019 में 161 निर्दलीय और अन्य छोटे दलों के उम्मीदवारों को जो वोट मिला उससे अधिक नोटा बटन था।2019 के चुनाव में बिहार में सबसे ज्यादा नोटा बटन दबाया गया था। बिहार के मतदाताओं ने कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तुलना में ज्यादा नोटा का बटन दबाया था।

देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक प्रतिशत से कम नोटा का बटन दबा लेकिन बिहार में 2% नोटा का बटन दबा था। बिहार के सभी 40 संसदीय सीट पर औसतन 20000 नोटा बटन दबाए गए. नोटा के बढ़ते प्रचलन से कई सीटों पर असर पड़ने लगा है। इसके कारण केवल राजनीतिक दलों के लिए चुनौती बढ़ती जा रही है।

2014 लोकसभा चुनाव में देश में कुल नोटा 60 लाख 2942 वोट पड़े थे। बिहार में कुल 580964 नोटा का बटन दबा था जो कुल वोट का 1.62% है। 2019 में बिहार में देश के कुल 65 लाख 22772 नोटा में से 8 लाख 16950 यानी की 2% नोट दबाया गया. देश के सबसे बड़े राज्य में से एक उत्तर प्रदेश में भी नोटा बिहार से कम 7 लाख था। पूरे देश में औसत नोटा प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में 12000 था वहीं बिहार में यह 20000 से अधिक था।

बिहार के बाद आंध्र प्रदेश में 18000 प्रत्येद संसदीय क्षेत्र में नोटा पड़े। तीसरे नंबर पर छत्तीसगढ़ का स्थान था।चुनाव आयोग की तरफ से दिए गए इस ऑप्शन का अब हर चुनाव में प्रयोग बढ़ रहा है। इसकी शुरुआत 2009 में छत्तीसगढ़ में किया गया था। 2013 के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़, मिजोरम, राजस्थान, मध्य प्रदेश, और दिल्ली में भी नोटा का प्रयोग किया गया था।

बिहार में 10 संसदीय क्षेत्र में अधिक नोटा के बटन दबाए गए. 2019 में सबसे अधिक गोपालगंज में 51660 नोटा लोगों ने दबाया था । पश्चिम चंपारण नोटा बटन दबाने में दूसरे स्थान पर था । यहां 45699 नोटा का उपयोग किया गया था।नोटा के मामले में जमुई को तीसरा स्थान मिला था। यहां 39496 लोगों ने नोटा का बटन दबाया था। मधेपुरा नोटा बटन दबाने के मामले में चौथा स्थान पर था।

नोटा के रूप में 38450 वोट गिरे थे।नोटा के मामले में समस्तीपुर पांचवें स्थान पर रहा। 35417 लोगों ने नोटा का बटन यहां दबाया था। नोटा के मामले में नवादा छठे स्थान पर रहा 35147 लोगों ने नोटा का बटन 2019 में दबाया था।वाल्मीकिनगर नोटा के मामले में 7वें स्थान पर था। यहां 34338 लोगों ने नोटा का बटन दबाया था । भागलपुर नोटा के मामले में 8वें स्थान पर था यहां 31567 लोगों ने नोटा का बटन दबाया था। गया नोटा मामले में 9वें स्थान पर रहा। 30030 लोगों ने नोटा का बटन दबाया था। सारण नोटा के मामले में 10वें स्थान पर है. यहां 28286 लोगों ने नोटा का बटन दबाया था।

  • Related Posts

    नेपाल की स्थिरता के साथ परिवर्तन की खोज
    • TN15TN15
    • March 12, 2026

    नेपाल में हाल ही में हुए संसदीय चुनावों…

    Continue reading
    गुनाह कोई करे शर्मिंदगी सबको उठानी पड़े!
    • TN15TN15
    • March 7, 2026

    बिहार के ‌ मुख्यमंत्री रहे‌ नीतीश कुमार से…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    नेपाल की स्थिरता के साथ परिवर्तन की खोज

    • By TN15
    • March 12, 2026
    नेपाल की स्थिरता के साथ परिवर्तन की खोज

    विनाश की नींव पर खड़ी…

    • By TN15
    • March 12, 2026
    विनाश की नींव पर खड़ी…

    THE WHITE MEN’S BURDEN

    • By TN15
    • March 12, 2026
    THE WHITE MEN’S BURDEN

    न बचेगी ट्रम्प शाही …

    • By TN15
    • March 11, 2026
    न बचेगी ट्रम्प शाही …

    न्यायालय ने शर्तों के साथ स्वीकार कर ली जमानत याचिका 

    • By TN15
    • March 11, 2026
    न्यायालय ने शर्तों के साथ स्वीकार कर ली जमानत याचिका 

    शिगूफा छोड़ने के अलावा कुछ नहीं किया मोदी ने, संकट में डाल दिया देश को !

    • By TN15
    • March 11, 2026
    शिगूफा छोड़ने के अलावा कुछ नहीं किया मोदी ने, संकट में डाल दिया देश को !