उत्तर प्रदेश के नोएडा में 13 अप्रैल को हुए हिंसक प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने एनएसए के तहत कार्रवाई कर दी है। पुलिस कमिश्नरेट नोएडा ने हिंसा की साजिश रचने और भीड़ को भड़काने के मुख्य आरोपियों, सत्यम वर्मा और आकृति, के खिलाफ NSA के तहत मामला दर्ज किया है। ऐसे में प्रश्न उठता है कि जिन कम्पनी मालिकों ने लंबे समय तक श्रमिकों का शोषण किया। जिन अधिकारियों ने इस शोषण में इन कंपनियों का साथ दिया और जो मालिक आज भी श्रमिकों का शोषण कर रहे उन पर सरकार ने क्या कार्रवाई की है ? 10-12 हजार रुपए में 12-12 घंटे काम लेने वाली कंपनियों पर क्या कार्रवाई की है ? जो 300 श्रमिक लापता बताए जा रहे हैं। उसके लिए कौन जिम्मेदार है ? दरअसल पुलिस के अनुसार पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) और स्थानीय इंटेलिजेंस की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि 13 अप्रैल की हिंसा कोई स्वतः स्फूर्त घटना नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझने साजिश का हिस्सा थी।
भूमिका: जांच में पाया गया कि सत्यम वर्मा और आकृति ने प्रदर्शन से पहले ही इसकी रूपरेखा तैयार कर ली थी। डिजिटल साक्ष्य: आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम) का इस्तेमाल कर भड़काऊ संदेश फैलाए और भारी संख्या में लोगों को एक स्थान पर जुटने के लिए उकसाया।
भीड़ का नेतृत्व: गवाहों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान ये दोनों लोग भीड़ को हिंसक होने के लिए लगातार प्रेरित कर रहे थे।
क्या है पूरा मामला?
बीती 13 अप्रैल को नोएडा के एक प्रमुख क्षेत्र में प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया था। इस दौरान न केवल सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाया गया, बल्कि पुलिस बल पर भी पथराव हुआ था। इस घटना के बाद से ही पुलिस आरोपियों की पहचान करने में जुटी थी। पुलिस का आधिकारिक बयान: “सत्यम और आकृति ने न केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि शहर की शांति भंग करने की गहरी साजिश रची थी। पर्याप्त सबूतों के आधार पर उन पर NSA लगाया गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। नोएडा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। वीडियो फुटेज और तकनीकी सर्विलांस के जरिए दर्जनों अन्य संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है।
पुलिस की कई टीमें अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं। सोशल मीडिया ग्रुप्स के एडमिन और डिजिटल तौर पर हिंसा फैलाने वालों की मॉनिटरिंग तेज कर दी गई है। आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नामों पर सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई से स्पष्ट है कि नोएडा में शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।






