मुख्य बातें:
जम्मू-कश्मीर सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र है। यहां इस घोटाले से लगभग ₹16 करोड़ की ठगी हो चुकी है (कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार)। फर्जी रसीदें देकर लोगों को धोखा दिया जा रहा है।
इस पैसे का इस्तेमाल अलगाववाद या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने में होने की भी आशंका जताई गई है।
यह घोटाला भावनाओं का शोषण करता है — युद्ध की खबरें देखकर लोग सहानुभूति में जल्दी पैसे दे देते हैं, खासकर सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी कंटेंट के जरिए।
सावधानियां (क्या करें):
किसी भी अजनबी या अनजान नंबर/लिंक से दान न दें। केवल पं जीकृत और विश्वसनीय चैरिटी/सरकारी प्लेटफॉर्म (जैसे PM CARES, Red Cross आदि) के जरिए ही मदद करें। तस्वीरें/वीडियो की सत्यता जांचें — रिवर्स इमेज सर्च (Google Lens) से पता चल जाता है कि फोटो पुरानी है या AI-जनरेटेड। फर्जी रसीदें या “तुरंत दान करो, वरना…” जैसे प्रेशर टैक्टिक्स से बचें। शक होने पर तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल में शिकायत करें। सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट शेयर न करें जो दान के नाम पर लिंक मांग रहे हों। ईरान-इजरायल संघर्ष के दौरान AI-जनरेटेड फेक इमेज और वीडियो पहले से ही सोशलमीडिया पर खूब फैल रहे हैं, जो लोगों को गुमराह करते हैं। IB का यह अलर्ट इसी ट्रेंड का हिस्सा है।








