सरकार ने क्यों लिया फैसला?
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, सरकार की ओर से यह बजटीय सहायता पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की अनुदान मांगों के जरिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) को ब्याज-मुक्त अग्रिम राशि के रूप में दी जाएगी। इसका मकसद एयरलाइंस को एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की ऊंची और अस्थिर कीमतों के कारण होने वाले नुकसान से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को बचाना है।
तीन साल तक OMC से लेना होगा AFT
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय एटीएफ कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है. मार्च 2026 में ATF की कीमत लगभग 60.50 रुपए प्रति लीटर थी, जो मई 2026 तक बढ़कर 142 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई. यानी महज दो महीनों में कीमतें लगभग 2.5 गुना बढ़ गई हैं, जिससे एयरलाइंस की लागत पर भारी दबाव पड़ा है.







