चरण सिंह
फ़्रांस में हुए जी-7 शिखर सम्मेलन में जिस तरह से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपमानित किया। मोदी के सामने ही कहा कि कि यदि भारत पर कोई देश हमला करता है अमेरिका भारत की मदद करेगा। अमेरिका से क्या कोई मदद मांग रहा है ? क्या डोनाल्ड ट्रम्प भारत का संरक्षक है ? क्या अमेरिका का रवैया भारत के प्रति दोस्त जैसा है ? क्या ऑपरेशन सिन्दूर में अमेरिका ने भारत का साथ दिया था ? क्या किसी युद्ध में अमेरिका ने भारत का साथ दिया है ? क्या अमेरिका पाकिस्तान के सामने भारत का साथ देगा ?
जो देश भारत के मुकाबले पाकिस्तान को तवज्जो देता रहा। आतंकवाद बढ़ाने के लिए फंडिंग करता रहा। जो डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर लगातार टैरिफ लगा रहा है। रूस और ईरान से सस्ता तेल और गैस खरीदने से रोककर वेनेजुएला से महंगा तेल और महंगी गैस खरीदने के लिए मजबूर कर रहा है। खुद पीएम मोदी को लगातार अपमानित कर रहा है। वह भला भारत का कैसे हो सकता है ? दरअसल डोनाल्ड ट्रम्प मोदी पर दबाव बनाकर जीरो टैरिफ पर कृषि उत्पाद भारत में बेचने के चक्कर में है। भारत के किसानों को बर्बाद करने पर उतारू है। वह अमेरिका भारत की मदद करेगा ? कदापि नहीं।
डोनाल्ड ट्रम्प मोदी से व्यक्तिगत संबंध दर्शाकर कृषि ट्रेड डील कराना चाहता है। जिसे गोदी मीडिया मोदी का सम्मान बोल रहा है। वह सब काम निकालने के कूटनीतिक प्रयास हैं। डोनाल्ड भारत को अपनी कठपुतली बनाना चाहता है। यह काम वह कमजोर नेतृत्व मोदी के समय कर लेना चाहता है। काफी हद तक वह अपने मिशन में सफल भी हो रहा है।
पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रम्प की यह बकवास सुन क्यों ली ? तुरंत क्यों नहीं बोला कि आप तो हम पर हमला कर रहे हैं मदद कहां कर रहे हैं। मोदी को पूछना चाहिए था कि हमारे 3 तीन नाविक क्यों मार दिए ? तभी क्यों नहीं बोले कि दुनिया के किस देश में हम पर हमला करने की हिम्मत है। हम अपने आप में मजबूत हैं। अमरीका की जरूरत नहीं पड़ेगी। 200 परमाणु बम क्या शो पीस के लिए हैं ? मोदी हैं कि डोनाल्ड ट्रम्प की बकवास सुनते रहे।








