‘श्रीकृष्ण पांच वक्त के नमाजी थे…’, मौलाना जर्जिस अंसारी के इस विवादित बयान पर मचा बवाल

Maulana Jarjis Ansari: यूपी में कृष्ण जन्मभूमि के विवाद के बीच इटावा जिले के मौलाना जर्जिस अंसारी का श्रीकृष्ण पर एक विवादित बयान वायरल हो रहा है। मौलाना ने अपने बयान में श्रीकृष्ण को मुसलमान बताया और कहा कि कृष्ण भी 5 वक्त की नमाज पढ़ते थे। मौलाना ने ये दावा गीता के एक श्लोक को आधार बनाकर दिया है. क्या है वो श्लोक और उसका अर्थ आइए जानते हैं।

 

 

 

मौलाना ने श्रीकृष्ण को बताया मुस्लिम

 

 

अपने भाषण में मौलाना जर्जिस अंसारी ने श्रीमद्भगवद्गीता के एक श्लोक का जिक्र किया. उन्होंने गीता के 6वें अध्याय का 10 श्लोक-

योगी युञ्जीत सततमात्मानं रहसि स्थितः. एकाकी यतचित्तात्मा निराशीरपरिग्रहः॥

का हवाला दिया और इसका अर्थ बताया कि श्लोक में लिखा है ईश्वर की जब पूजा करो तो पूरे शरीर का योग करो. पूजा सिर्फ खड़े होकर नहीं, पूरे शरीर का योग करते हुए करना चाहिए.

अपने भाषण में मौलाना ने कहा कि अगर हिंदू धर्म के लोग अपने ग्रंथों को ध्यान देकर पढ़ेंगे तो उन्हें इस्लाम धर्म अच्छा लगने लगेगा।

क्या है श्लोक का असली अर्थ ?

श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार इस श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि योगी (साधक) को चाहिए कि वह एकांत स्थान में रहकर, अकेले, अपने मन और इंद्रियों को वश में रखते हुए, बिना किसी इच्छा और संग्रह की भावना के, निरंतर अपने मन को योग (ध्यान) में लगाए।

 

 

श्रीकृष्ण ने अर्जुन से यह श्लोक क्यों कहा?

 

 

महाभारत के युद्धक्षेत्र में अर्जुन मोह और दुविधा में पड़ जाते हैं। पहले पांच अध्यायों में श्रीकृष्ण उन्हें कर्मयोग, ज्ञानयोग और निष्काम कर्म का उपदेश देते हैं। इसके बाद छठे अध्याय में वे बताते हैं कि मन को कैसे स्थिर और एकाग्र किया जाए।

श्रीकृष्ण अर्जुन को श्लोक के जरिए समझा रहे हैं कि सिफ ज्ञान सुन लेना पर्याप्त नहीं है। मन को नियंत्रित करने और परमात्मा से जुड़ने के लिए नियमित साधना आवश्यक है. इसलिए वे ध्यान करने के लिए आदर्श परिस्थितियां बताते हैं इन बातों का उद्देश्य अर्जुन को ये समझाना है कि मन की चंचलता पर विजय पाने के लिए अनुशासन में रहकर साधना जरूरी है।

 

 

मौलाना ने किया श्लोक के अर्थ का अनर्थ

 

 

गीता के अनुसार श्लोक का मुख्य विषय ध्यान, आत्मसंयम और मानसिक एकाग्रता है, न कि पूजा की किसी विशेष शारीरिक विधि का निर्देश. यहां योग का अर्थ ईश्वार की पूजा, उनके प्रति ध्यान लगाने पर है, न कि योग (एक्सरसाइज) से है. मौलाना अंसारी ने श्लोक का गलत अर्थ निकाला।

बयान सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने मौलाना जर्जिस अंसारी पर गहरी नाराजगी जाहिर कर उनकी गिरफ्तारी की मांग की है. हालांकि ये वीडियो पुराना बताया जा रहा है लेकिन श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद के बीच ये वायरल हो रहा है।

 

  • Related Posts

    यूपी में हर सीट का हिसाब लगा रही सपा, अखिलेश यादव ने बनाई खास रणनीति
    • TN15TN15
    • October 19, 2026

    उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा…

    Continue reading
    दिल्ली में युवाओं पर पुलिस दमन के खिलाफ आक्रोश 23 अक्टूबर को देशभर की सड़कों पर दिखेगा
    • TN15TN15
    • October 17, 2026

    किसान संघर्ष समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    मणिपुर हिंसा के दौरान जबरदस्त बवाल, 4 की मौत के बाद मुख्यमंत्री आवास पर ले गए शव!

    • By TN15
    • October 19, 2026
    मणिपुर हिंसा के दौरान जबरदस्त बवाल, 4 की मौत के बाद मुख्यमंत्री आवास पर ले गए शव!

    भारत ने इस्लामी सहयोग संगठन को लताड़ा! 

    • By TN15
    • October 19, 2026
    भारत ने इस्लामी सहयोग संगठन को लताड़ा! 

     चंबल नदी पर बनेगा हैंगिग ब्रिज, जलीय जीवों की सुरक्षा के लिए नदी के अंदर नहीं बनेंगे पिलर!

    • By TN15
    • October 19, 2026
     चंबल नदी पर बनेगा हैंगिग ब्रिज, जलीय जीवों की सुरक्षा के लिए नदी के अंदर नहीं बनेंगे पिलर!

    मूसलाधार बारिश में कैसे जलेगा रावण ? 17 घंटे के भीतर 13 राज्यों में भारी बारिश!

    • By TN15
    • October 19, 2026
    मूसलाधार बारिश में कैसे जलेगा रावण ? 17 घंटे के भीतर 13 राज्यों में भारी बारिश!

    तेजप्रताप यादव के घर पूजा में सारी लालू फैमिली, सिर्फ तेजस्वी यादव नहीं आए!

    • By TN15
    • October 19, 2026
    तेजप्रताप यादव के घर पूजा में सारी लालू फैमिली, सिर्फ तेजस्वी यादव नहीं आए!

    Opinion: दवाएं सस्ती करना काफी नहीं, भारत में गैर जरूरी दवाएं लिखने, ज्यादा जांच कराने की आदत

    • By TN15
    • October 19, 2026
    Opinion: दवाएं सस्ती करना काफी नहीं, भारत में गैर जरूरी दवाएं लिखने, ज्यादा जांच कराने की आदत