इस मामले में सबसे आगे रोहतास
पटना। बिहार में चल रही जमीन सर्वे की प्रक्रिया में अब तक 10 हजार गांवों में खतियान लेखन का काम पूरा हो चुका है। राज्य के भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक जे प्रियदर्शिनी ने शनिवार को बताया कि करीब 25 हजार गांवों में यह काम अभी जारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही यह काम पूरा कर लिया जाएगा। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, भूमि सर्वेक्षण में अब तक लगभग 38 लाख लोगों ने अपनी जमीन का विवरण दिया है।
निदेशक ने सभी जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर जमीन सर्वे के कामों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि प्रपत्र-2 यानी स्वघोषणा पत्र के जरिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से अब तक 37 लाख 98 हजार 514 आवेदन मिले हैं। राज्यभर के सभी जिलों को मिलाकर कुल 15.55 लाख रैयतों ने अपने कागजात वेबसाइट पर अपलोड किए हैं। वहीं, 19.93 लाख आवेदन ऐसे हैं जो सर्वे शिविरों में ऑफलाइन तरीके से मिले हैं। सर्वे कर्मियों ने इन्हें वेबसाइट पर अपलोड कर ऑनलाइन कर दिया है। सभी शिविरों में ऑफलाइन माध्यम से मिले 2.49 लाख आवेदन ऐसे हैं जिन्हें ऑनलाइन किया जाना बाकी है।
सबसे अधिक 3.93 लाख प्रपत्र-2 रोहतास जिले से मिले हैं, जबकि गया जिला 2.95 लाख स्वघोषणा के साथ दूसरे नंबर पर है। भोजपुर जिले में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सबसे कम 33 हजार 355 आवेदन मिले हैं। पूर्वी चंपारण 34,594 आवेदनों के साथ इस मामले में नीचे से दूसरे स्थान पर है। सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे अधिक से अधिक रैयतों से संपर्क कर उन्हें स्वघोषणा पत्र अपलोड करने के लिए प्रोत्साहित करें।







