दिल्ली यूनिवर्सिटी नॉर्थ कैंपस के किरोड़ीमल कॉलेज तथा रामजस‌ कॉलेज‌ का‌ इतिहास!

दिल्ली यूनिवर्सिटी के‌ यह कॉलेज आज हिंदुस्तान के ‌ गिने चुने कॉलेजों में नामवर‌ ‌ शामिल होने के कारण देशभर के मेधावी छात्र‌ दाखिला लेने का स्वप्न ‌ इन कॉलेज में देखते हैं। इन कॉलेजों की बुनियाद ‌ दो बड़े धनवान‌ व्यक्तियों द्वारा की गई थी। परंतु उनका मकसद‌ धन‌ कमाने का न होकर‌ धर्मादे के रूप में‌ उच्च शिक्षा का प्रचार प्रसार करना था। मुझे फख्र है‌ कि मेरी‌ बीए (ऑनर्स ‌) की शिक्षा किरोड़ी मल कॉलेज में हुई,‌ तथा एमए‌ की तालीेंम मैंने रामजस कॉलेज‌ के द्वारा ेदिल्लीं यूनिवर्सिटी से ग्रहण की। उस समय‌ दिल्ली यूनिवर्सिटी में सीधे एमए की कक्षाओं में‌ दाखिला न होकर कॉलेज के ‌ माध्यम से होता था।
* रामजस कॉलेज का*आज 17 जनवरी 2026* को 109 वां स्थापना दिवस है। यहां से शिक्षा प्राप्त अनगिनत विद्यार्थी देश के स्वतंत्रता सेनानी, ‌ शिक्षा शास्त्री, ‌ राजनीतिज्ञ, कला, साहित्य, संगीत, दर्शन,‌ अफसरशाही, ‌ वह अन्य विधाओं में ‌नामवर शख्सियत हुए हैं।
आज रामजस‌ फाउंडेशन का स्थापना दिवस है। इसके संस्थापक लाला राय केदारनाथ के इतिहास को अगर हम पढ़े तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं। दिल्ली का मशहूर मारूफ खानदान लाला राय केदारनाथ का था। करोल बाग के नजदीक आनंद पर्वत की अरबो खरबो की अपार मिल्कियत उनकी अपनी थी। यही नहीं, दिल्ली की पुरानी.मशहूर जगहो पर संपत्ति के मालिक भी वे थे। इसी के साथ-साथ जुडिशल सर्विस की मार्फत वे जिला जज भी बनेl
उनको वैराग्य उत्पन्न हो गया था, उन्होंने अपनी सारी संपत्ति अपने पिताजी लाला रामजस मल के नाम पर एक ट्रस्ट बनाकर सौंप दी। इसी ट्रस्ट रामजस फाउंडेशन के तहत 1917 मे पुरानी दिल्ली के दरियागंज में रामजस कॉलेज की स्थापना की गई थी। तथा दिल्ली में 8 -10 स्कूल स्थापित किए गए।
लाला जी के जीवन की सीख केवल एक उदाहरण से मिल सकती है। दरियागंज में स्कूल और यतीम बच्चों के लिए निशुल्क रहने खाने पीने के लिए जब एक-इमारत की तामीर हो रही थी, उन्होंने सर्वस्व दान दे दिया था। पहनने वाले कपड़े भिक्षा में ग्रहण करके वे रहते थे। जब बिल्डिंग का निर्माण हो रहा था लाला जी उसकी देखभाल करते थे, और वहीं पर चल रहे भोजनालय में अन्न ग्रहण करते थे। लाला जी को लगा कि इस अन्न पर मेरा अधिकार नहीं है, इसकी एवज में उन्होंने मजदूर के रूप में वहां पर मिट्टी, ईट गारा को ढोकर मजदूर के रूप में काम किया, उनका मानना था कि जो भोजन में ग्रहण कर रहा हूं वह इस मजदूरी के कारण जायज है।
मैं जब रामजस कॉलेज हॉस्टल में रहता था तो कॉलेज मैस में बुजुर्ग लाला राय केदारनाथ जी का सफेद पगड़ी, दाढ़ी मूंछ के साथ फोटो लगा हुआ था। खूबसूरत फोटो देखने के आदी छात्र सुबह-सुबह मैस में जब लाला जी का फोटो देखते थे तो वह उनको अखरता था। कुछ विद्यार्थी फब्तियाँ भी कस देते थे। परंतु जब लाला जी की हकीकत से वाकिफ हुए तो बेहद शर्मिंदा और पश्चाताप का भाव उनमें उपजता था। और इस से लाला जी के प्रति जीवनपर्यंत आदर का भाव उत्पन्न हो जाता है। फाउंडेशन डे वाले दिन कॉलेज के छात्र छात्राएं इकट्ठा होकर कॉलेज परिसर में लगे लाला जी के स्टैचू पर माल्यार्पण करते हुए उमको नमन करते हैं।
किरोड़ीमल कॉलेज के संस्थापक‌ सेठ किरोड़ीमल का जन्म 15 जनवरी 1882 को हरियाणा के भिवानी के गांव जाटू‌ मैं हुआ था। 1946 में उन्होंने किरोड़ी मल धर्मार्थ ट्रस्ट की स्थापना की थी। 1951 में अमेरिकन जेसुइटस‌ द्वारा ‌ दिल्ली के कुतुब रोड‌ पर पर ‘निर्मला कॉलेज’ के रूप में स्थापना की थी। सेठ किरोड़ीमल चैरिटेबल ट्रस्ट ने इसे अपने हाथों में ले लिया तत्पश्चात इसको दिल्ली विद्यालय के नॉर्थ कैंपस में ‌ किरोड़ी मल कॉलेज के नाम से स्थानांनतरित कर दिया। सेठ किरोड़ीमल द्वारा हिंदुस्तान के अनेकों ‌ स्थान पर कॉलेज, स्कूल, लाइब्रेरी, मंदिर, धर्मशाला, गौशाला, ‌ नेत्रचिकित्सालय, कुआं बावड़ी निर्मित किए गए। किरोड़ीमल कॉलेज के ‌ भूतपूर्व प्रिंसिपल डॉक्टर स्वरूप सिंह ‌ जो कि बाद में दिल्ली ‌ यूनिवर्सिटी के अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर तत्पश्चात दिल्ली यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर,‌ राज्यसभा के सदस्य के साथ-साथ कई सुबो के‌ गवर्नर भी बने उन्होंने ‌ किरोड़ी कॉलेज के प्रोफेसर की भर्ती में देशभर के‌ विद्वान शिक्षकों ‌ को शामिल किया। प्रोफेसर फ्रेंक ठाकुरदास‌ के प्रयास से स्थापित ड्रामेटिक ग्रुप‌ की स्थापना हुई ‌ जिसकी ट्रेनिंग के कारण हिंदुस्तान के कई प्रसिद्ध ‌ फिल्मी कलाकार ‌ यहां से निकले, जिसमें एक नाम अमिताभ बच्चन का भी है। खेलों में भी यह कॉलेज अव्वल रहा है। कॉलेज के भूतपूर्व स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के डायरेक्टर मरहूम हरवंश सरीन‌ के अथक प्रयास से‌ मुल्क भर के खिलाड़ियों को यहां दाखिला‌ लेने के लिए प्रेरित किया,‌ जिसके कारण ‌ कॉलेज को वाइस चांसलर ट्रॉफी प्राप्त हुई। फौज,‌ अफसर शाही, ‌ शिक्षा जगत सहित मुख्तलिफ क्षेत्रों में इस ‌ कॉलेज के भूतपूर्व छात्रों‌ का नाम शुमार है। अब इस ‌ कॉलेज का संचालन सीधे दिल्ली यूनिवर्सिटी द्वारा किया जाता है।
– राजकुमार जैन

  • Related Posts

    जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज से दिल्ली पुलिस ने किया इनकार, प्रदर्शनकारियों पर लाठियां भांजने के आए थे कई वीडियो
    • TN15TN15
    • July 20, 2026

    जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन और संसद मार्च के…

    Continue reading
    तकनीकी खराबी से वायलेट लाइन पर सेवा बाधित, स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़, बढ़ी परेशानी
    • TN15TN15
    • June 29, 2026

    दिल्ली मेट्रो की वायलेट लाइन को लेकर बड़ी…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    अस्पताल से सोनम वांगचुक ने सरकार को लिखी चिट्ठी, अनशन खत्म करने को तैयार, रखी शर्त

    • By TN15
    • July 22, 2026
    अस्पताल से सोनम वांगचुक ने सरकार को लिखी चिट्ठी, अनशन खत्म करने को तैयार, रखी शर्त

    दिल्ली सीजेपी आंदोलन ने बनाई विशेष पहचान!

    • By TN15
    • July 22, 2026
    दिल्ली सीजेपी आंदोलन ने बनाई विशेष पहचान!

    भारत में समंदर किनारे दबा था दुनिया का पहला बंदरगाह, 4000 साल तक यूरोप में भी नहीं था ऐसा पोर्ट, इतिहासकार ने खोली अंग्रेजों की झूठ की पोल

    • By TN15
    • July 22, 2026
    भारत में समंदर किनारे दबा था दुनिया का पहला बंदरगाह, 4000 साल तक यूरोप में भी नहीं था ऐसा पोर्ट, इतिहासकार ने खोली अंग्रेजों की झूठ की पोल

    ‘छात्राओं के साथ छेड़छाड़, पुलिस पर FIR की मांग’, CJP के आंदोलन पर HC में सुनवाई, आया बड़ा आदेश

    • By TN15
    • July 22, 2026
    ‘छात्राओं के साथ छेड़छाड़, पुलिस पर FIR की मांग’, CJP के आंदोलन पर HC में सुनवाई, आया बड़ा आदेश

    सोशलिस्ट स्टूडेंट्स यूनियन लखनऊ वि.वि. के छात्रों के धरने के समर्थन में

    • By TN15
    • July 22, 2026
    सोशलिस्ट स्टूडेंट्स यूनियन लखनऊ वि.वि. के छात्रों के धरने के समर्थन में

    पटना में कांग्रेस और BJP के कार्यकर्ताओं में मारपीट, सिर फटा, गाड़ी के शीशे तोड़े, भारी बवाल

    • By TN15
    • July 22, 2026
    पटना में कांग्रेस और BJP के कार्यकर्ताओं में मारपीट, सिर फटा, गाड़ी के शीशे तोड़े, भारी बवाल