पुलिस दमन के बावजूद किसान संघर्ष जारी रहेगा
डॉ. रुपेश वर्मा, इंद्र प्रधान और सोरन प्रधान के नेतृत्व में सैकड़ों महिला-पुरुष किसान गिरफ्तार
धरना स्थल छावनी में तब्दील, पूरे जनपद की पुलिस तैनात; करीब 150 किसान गिरफ्तार, 32 महिलाएं भी शामिल
ग्रेटर नोएडा। किसान संघर्ष मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने किसान सभा के दफ्तर से कार्यालय से प्राधिकरण की ओर कूच करते हुए गिरफ्तार दी। इस अवसर पर किसान अपना हक लेकर रहेंगे 10% प्लाट लेकर रहेंगे नारे लगा रहे थे। गिरफ्तारी देने वालों में बड़े स्तर पर महिलाएं भी मौजूद थीं। किसान संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन को दबाने के लिए प्रशासन द्वारा की जा रही व्यापक पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए ऐलान किया है कि गिरफ्तारियों और पुलिस के भारी दबाव के बावजूद किसानों का संघर्ष किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा।
किसान नेताओं के अनुसार डॉ. रुपेश वर्मा, इंद्र प्रधान और सोरन प्रधान के नेतृत्व में अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे सैकड़ों महिला-पुरुष किसानों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक करीब 150 किसानों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें 32 महिलाएं भी शामिल हैं। आंदोलन को रोकने के लिए धरना स्थल को पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है तथा पूरे जनपद की पुलिस को तैनात किया गया है। किसान संघर्ष मोर्चा ने कहा कि सरकार ने किसानों से वार्ता कर उनकी समस्याओं का समाधान करने तथा 10 प्रतिशत विकसित आबादी के प्लॉट सहित प्रमुख मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया था। किसानों ने सरकार के आश्वासन पर भरोसा किया, लेकिन मांगों का समाधान नहीं हुआ।
किसानों ने इसके बाद 30 जुलाई से आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया, लेकिन सरकार ने बातचीत और समाधान का रास्ता अपनाने के बजाय पुलिस बल के सहारे आंदोलन को कुचलने का रास्ता चुना है।
इंद्र प्रधान भी संघर्ष करते हुए गिरफ्तार
समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष इंद्र प्रधान भी किसानों के आंदोलन में संघर्ष करते हुए गिरफ्तार किए गए। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों की लड़ाई से पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है। सरकार को दमन और गिरफ्तारियों के बजाय किसानों से बातचीत कर उनकी जायज मांगों का समाधान करना चाहिए।
गिरफ्तारियां किसानों का हौसला नहीं तोड़ सकतीं : डॉ. रुपेश वर्मा
किसान नेता डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा, “किसान बहादुर हैं, वे गिरफ्तारियों और पुलिस की तानाशाही से डरकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। जब तक किसानों को उनके सभी जायज हक नहीं मिलते, संघर्ष जारी रहेगा।” उन्होंने कहा कि आंदोलन में महिलाओं और पुरुषों की बड़ी संख्या में गिरफ्तारी के बावजूद किसानों का हौसला बुलंद है। सरकार जितना दमन करेगी, किसानों की एकजुटता उतनी ही मजबूत होगी। किसान संघर्ष मोर्चा ने प्रशासन से मांग की कि गिरफ्तार किसानों को तत्काल रिहा किया जाए और पुलिस बल हटाकर किसानों से बातचीत का रास्ता अपनाया जाए। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि किसानों की आवाज को गिरफ्तार करके खत्म नहीं किया जा सकता। किसान अपने हक के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
किसान संघर्ष मोर्चा का ऐलान—
गिरफ्तारियां चाहे जितनी हों, संघर्ष जारी रहेगा।
जब तक हक नहीं मिलेगा, किसान पीछे नहीं हटेंगे।
10 प्रतिशत विकसित प्लॉट लेकर रहेंगे।







